what is 80 plus certification in hindi



80 Plus Certification in Hindi 

SMPS में 80+(प्लस)  सर्टिफिकेशन  क्या है?

पिछले पोस्ट में हमनें जाना कि SMPS क्या है? कितने प्रकार का होता है?
कितने Quality का होता है? कौन-सा वाला अच्छा होता है, कौन-सा वाला बेकार?
कौन-सा वाला लेना चाहिए और कौन-सा वाला नहीं ?
तो हम इस पोस्ट में इन सबकी बात नहीं करेंगे। यदि आपने हमारे उस पोस्ट को नहीं देखा है तो 
नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करके आप उस पोस्ट को देख सकते हैं।

What is SMPS? How many types of SMPS? SMPS क्या है? और कितने प्रकार का होता है?


पिछले पोस्ट में दो बातों पर ही विशेष ध्यान दिया गया, पहला Brand और दूसरा Local और उसमें दोनों के बारे में पूरी जानकारी भी दी गई और दोनों मे अन्तर भी दर्शाया गया है। कौन-सा वाला आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है, और कौन-सा वाला फायदे का सौदा। इसलिए हमारे उस पोस्ट को जरूर पढ़े। लिंक ऊपर दिया गया है।

what is ecova

अब बात करते हैं कि PSU से Related ये 80 Plus + क्या है तो चलिए इसके बारे में जानते हैं-
80+ एक Certification है जो कि एक बड़ी International Consulting Company है, जिसका नाम पहले ‘इकोज कन्सल्टिंग’ हुआ करता था जो कि अब बदलकर ‘इकोवा’ (Ecova) कर दिया गया है, इसका गठन 2004 में किया गया था। इस कम्पनी ने शुरू में एक प्रोग्राम चलाया जिसके माध्यम से उस समय के तमाम Branded Power Supply Unit को चेक करने का काम किया जाता था, और उन्हें एक Certificate प्रदान किया जाता था, जो कि 80(+) Plus का Certificate था।

इनका ये Program काफी Popular हुआ और धीरे-धीरे इनका दायरा बढ़ा और बढ़ते-बढ़ते इतना बढ़ चुका है कि आज ये दुनिया भर के Branded Power Supply Units को चेक करने का काम करती है। (बेशक ये कम्पनी और भी चीजों पर काम करती होगी, लेकिन हमारा Topic PSU का है तो इसलिए हम केवल PSU के बारे मे ही बात करेंगे।) इनका काम बेसिकली ये होता है कि ये कोई भी कम्पनी का PSU हो उसको हर प्रकार से टेस्ट करते हैं, टार्चर टेस्ट तक भी करते हैं और सभी पैमानों पर खरा उतरने और पूर्णरूप से Satisfied होने पर ही ये उसे पास करते हैं और अपना Certificate प्रदान करते हैं क्योंकि इनके लोगो/सिम्बल के लग जाने भर से ही लोगों का विश्वास बढ़ जाता है, इसलिए इनका लोगो/सिम्बल वही कम्पनी लगा सकती है जो इनके द्वारा Certified किया गया हो। नहीं तो सब न लगा लें। अब जैसा कि पिछले पोस्ट में कहा गया था कि Branded Semi Modular और Fully Modular क्यों इतने महंगे होते हैं इसीलिए, क्योंकि ये 80+ Certified होते हैं। हालांकि Non Modular PSU भी 80+ Certified होते है लेकिन बहुत ज्यादा नही। तो हमने जाना कि 80+ Certification क्या है और कैसे काम करता है?

प्रश्न जो अब आपके मन में उठ रहा होगा कि कम्पनी द्वारा Certification 80+ का ही क्यों? 90+, 100+ या 50+ इत्यादि का क्यों नहीं?


तो चलिए इसके बारे में भी जानते हैं-
जैसा कि आप जानते हैं और बताया भी जा चुका है कि हमारा Computer AC Current से नहीं DC Current से चलता है और AC से DC Convert होने में बहुत सारी प्रकियाएं होती हैं तब कहीं जाकर DC Current हमें मिलता है और एक प्रकार के Light को दूसरे प्रकार की Light में Convert करने पर करीब 20% (इससे कम भी हो सकता है) Light का Loss हो जाता है। ये Loss कई प्रकार के Heat, Conversion इत्यादि के Form में होता है, ये फिजिक्स का रूल भी है फिजिक्स की जानकारी रखने वाले इसको बखुबी जानते होंगे। यानि आपके Wall से SMPS में यदि 100% लाइट का इनपुट होगा, तो आपको आउटपुट 80% का ही मिलेगा।

यानि आपका 20% के लगभग का लाॅस होना ही होना है। यानि शेष बचा 80% अब इसी 80 को कंसीडर करते हुए इसे 80+ Certification का नाम दिया गया। यानि इनके द्वारा टेस्ट किया गया SMPS आपको 80% का मीनिमम आउटपुट देगा ही देगा, इसकी गारण्टी होती है तो इस प्रकार 80+ का निर्माण हुआ जो कि काफी पाॅपुलर है और मुझे ये लगता भी है कि अधिकतर इसके बारे में नहीं जानते होंगे। और जैसा कि ऊपर प्रश्न था कि 90+, 100+ या 50+ क्यों नहीं, तो मुझे लगता है कि इस बात का भी जवाब आपको मिल गया होगा।

अब चूंकि कम्पनी पर Workload बढ़ा साथ में जिम्मेदारियां भी और लोगों का विश्वास भी। इसलिए सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अब कम्पनी को और भी ज्यादा जिम्मेदारी के साथ काम करना था। इसलिए इन्होंने और भी बारीकी से जांच करना शुरू किया। और समय के साथ बहुत सारे बदलाव भी किये। और इसी बदलाव में उन्होंने बहुत सारी कैटेगरियां बनाई और प्रत्येक को उसके हिसाब से डिस्क्राइब भी किया, ताकि लोग अपने लिए बेस्ट चुन सकें, जो कि पहले नहीं हुआ करता था। इन्होंने कुल 6 कैटेगरी बनाई जिनका नाम क्रमशः इस प्रकार हैं-

1. 80 Plus (+) Standard/White

2. 80 Plus (+) Bronze

3. 80 Plus (+) Silver

4. 80 Plus (+) Gold

5. 80 Plus (+) Platinum

6. 80 Plus (+) Titanium






अब बारी-बारी इनके बारे में जानते हैं-

1. 80 Plus (+) Standard/White



80 plus white certification


जैसा कि आपको बताया गया कि इनके द्वारा Certified PSU Minimum Output 80% देते हैं। यानि 80 से कम Output की कोई सम्भावना नहीं होती है इसलिए + के सिम्बल को यहां दर्शाय गया। इनका पहली Category 80+ White की है जो कि इनका Starting Level है। ये PSU आपको 80% Power का Output Continue देता रहेगा। चाहे Load  10% का हो, 20%, 50 या 100% का हो ये एक ही जैसा Output सभी लोड पर देगा।


ध्यान दें- 

इसमें कोई शक नहीं है कि 80+ Certified कोई भी PSU 80% से कम का Output देगा। लेकिन 80+ White को छोड़कर इनका हर Category अलग-अलग लोड पर अलग-अलग आउटपुट देगा। और इस बात का भी विशेष ध्यान दें कि इनके सभी Category 80+ White को छोड़कर अपने 50% के लोड पर ही अपना Best Performance देेंगे। लेकिन यदि लोड 100% के आप-पास का हुआ तो ये आपको 20% के बराबर वाला ही आउटपुट देगें। और इनके Colour Code भी इनके नाम साथ लगे होते है। यानि जिस Category का PSU उसी Colour का Logo। ये बातें सभी पर लागू होती है।

2. 80 Plus (+) Bronze


80 plus bronze certification


इनकी दूसरी Category 80+ Bronze की है जो कि 80+ White से अच्छा होता है। यदि इस PSU पर 10% का Load है तो ये 80% का ही आउटपुट देगा, लेकिन यदि 20% का लोड हो तो ये आउटपुट 82% का देता है और लोड यदि 50%  का हो तो ये अपना अधिकतम् 85% का आउटपुट देता है। लेकिन जैसे ही लोड 100%  के आप-पास को होता है तो ये फिर से 82%  यानि 20% वाले लोड के बराबर का आउटपुट देने लगता है। और नाम के अनुसार 80+ का लोगो ब्राॅन्ज यानि ब्राउन कलर के जैसा होता है।


3. 80 Plus (+) Silver


80 plus silver certification

इनकी तीसरी कैटेगरी 80+ सिल्वर की है जो कि 80+ ब्राॅन्ज से अच्छा होता है। इस पीएसयू पर भी 10% का लोड हो तो आउटपुट 80%  का ही मिलेगा, लेकिन लोड यदि 20% का हो तो आउटपुट 85% का मिलेगा और 50% पर अधिकतम 88%  का आउटपुट मिलेगा, लेकिन जैसे ही लोड 100%  के आस-पास को होता है तो ये फिर से 85%  के बराबर का आउटपुट देने लगेगा, और नाम के अनुसार 80+ का लोगो सिल्वर कलर का होता है।

4. 80 Plus (+) Gold


80 plus gold certification

चौथी कैटेगरी 80+गोल्ड की है जो कि 80+ सिल्वर से अच्छा होता है। (यहां पर अच्छा होने का मतलब सभी में पिछले वाले से तगड़ा होने से है) इसमें भी 10%  के लोड पर आउटपुट 80% का ही मिलेगा, लेकिन लोड यदि 20% का हो तो आउटपुट 87% का मिलेगा और 50% पर अधिकतम 90%  का आउटपुट मिलेगा, और जैसे ही लोड 100%  के आस-पास को होगा तो ये फिर से 87%  के बराबर का हो जाएगा। इसका भी कलर नाम के अनुसार 80+ गोल्ड का होता है।


5. 80 Plus (+) Platinum


80 plus platinum in hindi

पांचवीं कैटेगरी 80+ प्लेटिनम की है जो कि पिछले वाले 80+ गोल्ड से भी तगड़ा होता है। इसमें भी आपको 10%  के लोड पर 80% का ही आउटपुट मिलेगा, और 20% लोड पर 90%  का आउटपुट मिलेगा और 50% पर अधिकतम 92% का आउटपुट मिलेगा, लेकिन 100% के लोड पर या उसके आस-पास के लोड पर ये अपने 20%  से वाले आउटपुट से भी 1%  घटकर आपको 89% का आउटपुट देगा। इसका कलर लगभग व्हाईट और सिल्वर के बीच का होता है। मैटेलिक जैसा कह सकते हैं।


6. 80 Plus (+) Titanium


80 plus titanium certification

इनकी छठवीं और आखिरी कैटेगरी 80+टाइटेनियम है जो कि पिछले वाले सभी में से सबसे तगड़ा है, और सबसे महंगा भी। इसमें आपको 10% के लोड पर 80% का आउटपुट नहीं बल्कि 90% का आउटपुट मिलेगा, जो कि पिछले वाले किसी में भी नही था। और 20% लोड पर 92% का आउटपुट मिलेगा और 50% पर अधिकतम 94% का आउटपुट मिलेगा, लेकिन 100% के लोड ये आपको फिर से वही 90%  का आउटपुट देगा। इसका कलर लगभग डार्क सिल्वर के जैसा होता है। सी-वाटर के जैसा भी कह सकते हैं।

तो हमने बारी-बारी सबके बारे में जाना कि 80+ सर्टिफिकेशन क्या होता है कौन-सी कम्पनी करती है और कैसे करती है और नाम के आधार पर इसने कितनी कैटेगरियां बनाई है और सभी का क्या काम है और क्या अन्तर है इत्यादि।

वास्तविकता

अभी तक मार्केट में ऐसी कोई भी पीएसयू बनाने वाली कम्पनी नहीं है जो कि 100% में से 100% का आउटपुट दे। हो सकता है कि आने वाले समय में शोधकर्ता कुछ नया करें और इस 20%  के लाॅस को कम से कम करने की कोशिश करें, ताकि हमें और भी ज्यादा आउटपुट मिल सकें। और इसको देखते हुए इकोवा कम्पनी अपनी और भी कैटेगरियां लाये शायद अगला नाम यूरेनियम का ही हो या इसके जैसा कुछ और। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ है नहीं। अभी तक इनकी आखिरी कैटेगरी टाइटेनियम ही है। जो कि अपने 50% लोड पर 94%  का आउटपुट ही देता है।

प्रश्न जो कि आपके मन में उठा होगा या उठ रहा होगा कि 50% से ज्यादा का लोड होने पर पावर आउटपुट कम क्यों?


सभी पीएसयू 10 या 20% के लोड पर 82, 85 87 और 90% इत्यादि का आउटपुट देते हैं और लोड 50% होने पर ये और भी ज्यादे का आउटपुट देते हैं लेकिन जब ये लोड 50%  से ऊपर यानि 80, 90 या 100%  के आस-पास का होता है तो आउटपुट और भी ज्यादे का होना चाहिए, लेकिन उल्टा कम हो जाता है 10% और 20% वाले के बराबर। क्यों? ऐसा क्यों हो रहा है?

80, 90 या 100% के आस-पास का लोड आपके पीएसयू पर, इसका मतलब आप बहुत ही हैवी टास्क अपने पी. सी. पर परफाॅर्म कर रहे हैं और इस लोड पर आपका कम्प्यूटर बहुत ही तेजी से एक काॅन्टीन्यू पावर कन्ज्यूम करता है जिसका लोड आपके पीएसयू पर पड़ता है और इस वजह से आपके पीएसयू को तेजी से लगातार कन्वर्जन करना पड़ता है और जैसा कि आप जानते हैं कि जितना तेजी से कन्वर्जन होगा उतना ही तेजी से हीट भी बढ़ेगा और इस कारण से लाॅस भी।

फलस्वरूप हैवी कन्वर्जन और हीटिंग के कारण आपका पीएसयू आउटपुट कम कर देता है क्योंकि वो 20% की ऊर्जा हीट के फार्म में लाॅस हो जाता है इसीलिए इन सभी पीएसयू पर 50% का लोड नाॅर्मल माना जाता है, इसी लोड पर ये अपना बेस्ट परफार्मेन्स देते हैं। 60% के ऊपर का लोड ओवर लोड माना जाता है। डिपेन्ड ऑन कितने वाॅट का पीएसयू आपने लगाया है और कितना पावर आपका सिस्टम उससे कन्ज्यूम कर रहा है। इस बात का ध्यान देना बहुत जरूरी होता है। 

हमारा अगला पोस्ट इसी पर आधारित होगा, इसलिए आप उसे भी जरूर देखें। ताकि आपके पीएसयू सम्बन्धित सभी डाउट क्लीयर हो जाए।

कन्क्लूजन/निष्कर्ष-

सभी पीएसयू अपने-अपने जगह बेस्ट हैं कम्पनी ने इन्हें कैटेग्राइज करके हमारा काम काफी आसान कर दिया है ताकि जिसे जिसकी जरूरत हो वो आसानी से उसे खरीद ले, और आगे भी उम्मीद है कि पीएसयू और 80+ की कम्पनी भविष्य में भी इसी तरह हमारा काम आसान करती रहेंगी, ताकि हमें किसी प्रकार की दिक्कत न हो। ये बात अलग है कि ये पावर सप्लाई यूनिट्स थोड़े महंगे जरूर हैं लेकिन ये सभी के लिए भी तो नहीं हैं। ये उन यूजरों को ध्यान में रख कर बनाया गया है जिसे वाकई इसकी जरूरत है जिसका काम काफी हैवी है, जैसे-किसी यूजर को 80+ व्हाइट की जरूरत है और उसका काम पूर्णरूप से इसी से हो जाए तो उसे कोई जरूरत नहीं है ब्रान्ज, सिल्वर या उससे ऊपर वाले पीएसयू में इन्वेस्ट करने की। 

उसी प्रकार एक ऐसा यूजर जिसके लिए 80+ गोल्ड पर्याप्त है तो उसे कोई जरूरत नहीं है प्लेटिनम या टाइटेनियम की। लेकिन एक ऐसा यूजर जिसका बजट ही 20 हजार 25 हजार का है और वो इनके बारे में सोचे तो आप बताइये क्या ये बुद्धिमानी है। मेरे हिसाब से तो बिल्कुल भी नहीं। इतने महंगे और ब्राण्डेड पीएसयू कम्पनी ने बहुत ही सोच-समझकर और हर प्रकार के यूजर को ध्यान में रखकर ही इन्हें बनाया है। क्योंकि यदि नाम है तो उसका वैसा काम भी है नही तो ये भी सस्ता वाला ही न बनाती, क्या जरूरत थी इतने महंगे प्रोडक्ट बनाने की। सोचने वाली बात है। कही किसी प्रकार की त्रुटि रह गई हो या हो गई हो, तो उसके लिए क्षमा चाहुँगा।



उम्मीद करता हूँ मेरे इस पोस्ट से आपको कुछ जानकारियां जरूर मिली होगी और मेरा कन्टेन्ट भी आपको अच्छा लगा होगा। यदि आपको लगता है कि ये जानकारियों से इससे जुड़े लोगों के लिए हेल्पफूल हो सकती हैं, तो मेरे इस पोस्ट को लाइक और शेयर करें।
हमेशा की तरह मै शमीम अहमद आपका बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूँ-बहुत बहुत धन्यवाद

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