कम्प्यूटर (Computer) खरीदते समय की जाने वाली कुछ गलतियां एवं सुझाव।




आज के समय में Computer एक ऐसी मशीन बन चुकी है जो हमारे अधिक से अधिक कार्य को मिनटों में कर देती है और इसीलिए हर क्षेत्र में इसका दबदबा बढ़ता ही जा रहा है। हमारा आधुनिक समाज भी इसी पर दिनो-दिन निर्भर होता जा रहा है। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि हमारा कुछ काम इसके बिना हो ही नही पाएगा। आपको भी कभी न कभी ऐसा जरूर लगा होगा। अब चूंकि हमारी आधुनिक दुनिया इसी पर ही निर्भर होती ही जा रही है इसी प्रकार लोग Computer Friendly होते जा रहे है। और यहां तक की वे अपने छोटे-मोटे कार्य खुद से ही कर लेते हैं। ताकि उन्हें कही जाने इत्यादि की जरूरत न पड़े।
अब हम जानते है कि कैसे एक सही Computer का चुनाव करें क्योंकि ऐसे में प्रायः लोगों कुछ गलतियां कर देते है और फिर पछताते है तो हम उन गलतियों को जानेंगे और उनसे बचने के सुझाव भी। ताकि हम इन चीजों से बच सकें।


क्या चुनें? Laptop or Desktop। ( कम्प्यूटर खरीदते समय सबसे बड़ी दुविधा )




कुछ लोग Computer खरीदने की सोचते तो है। लेकिन ढ़ेर सारे Option होने के कारण वे काफी दुविधा में रहते हैं कि Laptop लें या Desktop। Laptop लें तो कौन सा लें, या Desktop ले तो कौन सा लें। ऐसे सवालों मे उलझें होते हैं। तो यहां पर सबसे पहले बात आती है कि आपका किस काम के लिए लेना चाहते हैं आपका काम किस प्रकार का है जैसे घर पर रहकर या रखकर काम करना है तो Desktop एक अच्छा ऑप्शन है। यदि आपका काम कुछ इस प्रकार है या आप ऐसा कार्य करते हैं जिसकी वजह से आपको कभी आफिस में तो कभी घर पर तो कभी कही और इत्यादि जगहो पर कार्य करना पड़ता हो तो आपके लिए Laptop Best Option है क्योंकि Laptop को इसी को ध्यान मे रख ही बनाया गया है। ताकि आप इजली इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर इसे ले जा सकें। अब चूंकि Laptop में हमें ज्यादा ऑप्शन नही मिलते हैं इसलिए आप अपने जरूरत के अनुसार कोई अच्छे Brand का Laptop ले सकते हैं। लेकिन आप घर पर रहकर या रखकर काम करना चाहते हैं तो आपके लिए Desktop Best Option होगा। अब जहां Laptop में आपको दूसरा Option नही मिलता है वहीं Desktop में आपको 2 Option मिलते है पहला Branded दूसरा Assemble। Branded वाले में कम्पनी द्वारा दी गई चीजो से ही आपको संतोष करना पड़ता है वहीं यदि आप Assemble की तरफ जाते है। तो आपको ढ़ेर सारे Option मिलते है यहां पर आपको अपने से चीजों को चुनने की आजादी होती है। अब यदि आप Assemble के साथ जाना चाहते हैं, तो चलिए इसके बारे में और अच्छे से जानते हैं-

Purpose/जरूरत - 



यदि आप भी Computer खरीदने की सोच रहे हैं तो सबसे पहले आप अपनी जरूरत को देखें किस लेवल का कार्य उससे लेना है और फिर तय करें कि हमें किस प्रकार का Computer लेना चाहिए। प्रायः यह देखा जाता है कि लोग बिना सोच-समझे, बिना जानकारी के जाकर Purchase कर लेते हैं अब चुंकि उन्हे जानकारी का अभाव है इसलिए इसका फायदा कुछ दुकानदार भी अच्छे से उठाते है हो सकता है कि वो आपको ऐसा Computer दे दें जिसकी आपको जरूरत ही न हो। यानी आपको छोटे-मोटे काम ही करने है जैसे -MS Word, Excel या Net Surfing, Browsing, Movie, Song इत्यादि तो यदि वो आपको एक Heavy Work वाला Computer दे भी दे तो आप उसका 100% युज कर ही नही पाएगें क्योकि आपका काम उस लेवल का नही है। ऐसा करके वो सिर्फ अपना उल्लू सीधा करते है यदि आपको इसकी जानकारी नही है आप ये तय नही कर पा रहे है कि किस प्रकार का सिस्टम आपके काम के लिए बेस्ट रहेगा तो आप अपने दोस्त वगैरह या कोई जानने वाले से हेल्प ले सकते है दुकानदार से न ही ले तो अच्छा होगा और आज कल तो Online एक अच्छा माध्यम् हो चुका है आप वहां से जानकारी ले सकते हैं और इस प्रकार की गलतियों से बच सकते हैं, नही तो फिर बाद मे आपको पछतावा ही होगा कि काश... इसलिए अपना परपज सुनिश्चित करलें। फिर आगे बढ़े।


Processor/CPU


Processor हमारे Computer का अभिन्न Part होता है जो कि Processing करने का कार्य करता है जैसा कि आप जानते हैं। यूं तो मार्केट में Processor बनाने वाली मेन 2 ही कम्पनियां है Intel और AMD और दोनो अपनी-अपनी जगह Best है लेकिन आप Intel के साथ ही जाये। क्योंकि मार्केट मे अभी भी इसी का दबदबा है और लोगों का विश्वास भी। अब बात करते है कि Intel को लेकर अधिकतर लोगों के दिमाग में एक मिथ सा बैठ गया है कि Dual Core से अच्छा Core 2 duo और Core 2 Duo से अच्छा Core i3, Core i3 से अच्छा Core i5 उसी प्रकार Core i5 से अच्छा Core i7 और Core i7 से अच्छा जो अभी नया 2019 में चल रहा है Core i9 होता है। लोग सिर्फ एक नम्बर के कम या ज्यादा होने भर से अच्छे और खराब का तुलना करते हैं जो कि पुरी तरह से सही नही है। एक Processor में ये सारी चीजें और खुबियां देखनी होती है। जैसे Generation, Core, Thread, Transistor Size, Hyper-threading, Clock Speed, Cache Memory, Architecture इत्यादि। इन चीजों को जांच करने के बाद कौन सा ज्यादा Powerful है और कौन सा कम। इसका सही चुनाव आप कर सकेंगे। अब बात करें कौन-सा लें। तो इसका चुनाव आपको करना है अपने काम के अनुसार कि आपको कितना और किस प्रकार का काम इस पर करना है। अगर आपको छोटा-मोटा कार्य जैसे-Word, Excel, Power Point, Net Surfing, Browsing, Movie इत्यादि तक का काम है तो आप Dual Core या Core 2 Duo के साथ जा सकते है। लेकिन भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुझे ऐसा लगता है कि बजाय इनके कम से कम आपको Core i3 ही लेना चाहिए क्योंकि ऐसा तो है नही की आज हमने Dual Core वाला Computer खरीद लिया अगले साल या कुछ दिन बाद हम इससे हायर दूसरा खरीद लेंगे। इसलिए Dual Core या Core 2 Duo के बजाय आप Core i3 को कंसीडर करें। लेकिन आपकी जरूरत अधिक है तो आपके सामने बहुत सारे Option है। जो आपकी जरूरत है उसे चुनें।

Motherboard 


Motherboard आपके सिस्टम का Main Board होता है जो आपके सभी Parts को आपस में जोड़ता है और सभी Parts को जरूरत के हिसाब से चलाता है आपके सभी Components इसी से अटैच रहते है। Motherboard वैसे तो बहुत सारी कम्पनियां बनाती है 20 से भी ज्यादा कम्पनियां है नाम भी नही सुना होगा। लेकिन इंडिया में जो टॉप कम्पनीज है वो Gigabyte, Asus, MSI, Zebronics, और Intel है। Intel भी अपना Motherboard खुद ही बनाता है। प्रायः आपको Gigabyte के Motherboard मार्केट में आसानी से देखने को मिल जाएगें। जो Intel के साथ Compatible होता है। वही AMD के साथ ज्यादातर Asus के Motherboard देखने को मिलेंगे। तो आपको जो चाहिए आप उसे अपने हिसाब से ले सकते है। वैसे भी जब आप Processor चुनेंगे उसी के हिसाब से आपको Motherboard भी शॉपकीपर दे देते है। लेकिन यदि आप चाहे तो अपने अनुसार भी इसका चयन कर सकते है। क्यांकि Motherboard भी कई Variety  (Form Factor) यानी Size मे आती है जैसे -ITX, Mini ITX, Micro ATX, Standard ATZ और XL ATZ। जनरली आपको Mini ATX ही दिया जाता है। जो कि आपके कार्य को हैण्डल करने हेतु काफी होता है। इस प्रकार आप अपने काम के हिसाब से अपने लिए एक Motherboard चुन सकते है।


Generation



Processor और Motherboard चुनते समय आपको उसके Generation का खास ध्यान रखना चाहिए। प्रायः लोग इसी जगह आकर गलती कर देते है। और अपने लिए एक गलत System का चुनाव कर लेते है। जैसा कि आपको Processor वाले मे आपने पढ़ा होगा कि नम्बर के घटने व बढ़ने से किसी को ज्यादा या कम नही आंका जा सकता है। इसमें Generation का बहुत बड़ा योगदान होता है। जब आप एक नया Computer Built कराने किसी भी शॉप पर जाएगें तो वो इस बात को आपसे जरूर पुछेगा यदि आपको इसकी जानकारी है तो आप तुरन्त बता देंगे लेकिन यदि आपको इसकी जानकारी नही है या आप बताने में असमर्थ रहें तो हो सकता है कि वो दुकानदार इसका फायदा उठाये और आपको गलत चीज दे दे। इसके लिए पहले ये जानना जरूरी है कि Generation क्या होता है? तो आपको बता दूँ कि कोई भी चीज जब मार्केट में आती है तो लोग उसको खरीदते है और यूज करते है तो उसमे क्या कमियां हैं और क्या अच्छी बात है या उसमें क्या नया फिचर एड किया जा सकता है इत्यादि को कम्पनी अपने यूजर के माध्यम से ही जानती है और उसी के आधार पर कम्पनियां अपने उस प्रोडक्ट में बदलाव करती है और उस कमी को दूर करती है साथ ही साथ कुछ नया फिचर एड करके फिर से नये मॉडल या नये नाम से फिर से लांच करती है। उसी प्रकार Intel भी अपने Processors में कमियों को दूर करता रहता है। और हर शोध कर -करके हर साल या हर थोड़े दिनों में एक नया Processor लांच करता है। और उसे नया Generation का नाम देता है। जैसे अभी 2019 में नया Generation Core i9 चल रहा है। इसके कुछ समय बाद हो सकता है कि कोर Core i10 भी आ जाए तो ये सिलसिला तो चलता ही रहेगा। बस आपको को इस बात का ख्याल रखना है कि जब भी लें उस समय का सबसे नवीनतम ही लें। भले ही आप Dual Core ही ले। क्योंकि उस नये वाले को इतना Powerful बनाया जाता है कि वो आपके चार-पांच Generation वाले पुराने i3 को नये Generation का Dual Core बीट कर दें। बावजूद इसके यदि कोई दिक्कत है तो आप अपने से बेहतर चुन सकते है। Motherboard की बात करें तो अब जैसा कि आपने नये Generation के Processor का चुनाव किया है तो उसी के हिसाब से Motherboard भी दिया जाएगा। ऐसा नही होगा कि Processor 9th Generation का और Motherboard 4th Generation का। कभी सपोर्ट ही नही करेगा। रही साईज वाईज की तो आपको क्या चाहिए कौन से Motherboard चाहिए आप चुनाव कर सकते हैं।

Ram (Random Access Memory)


Ram का चुनाव भी आपके द्वारा बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए क्योकि इसकी अनदेखी आपके सिस्टम को न केवल स्लो बना सकती है बल्कि रन कराने में बार बार दिक्कत पैदा कर सकती है। इसलिए आपको अपने काम के अनुसार ही Ram का Selection करना चाहिए जो आपके काम करने के लिए पर्याप्त हो। प्रायः लोग सिस्टम तो हैवी से हैवी ले लेते है। लेकिन Ram को लगवाते समय 2 GB या ज्यादा से ज्यादा 4 GB तक ही लगवाते हैं जिससे वह प्रायः Hang, Slow इत्यादि तरीकों से परेशान रहते है तो इसमे भी आप अपने कार्य के अनुसार 4 GB यदि आपको नार्मल वर्क करना है तो नही तो कम से कम 8 GB लगवाना ही चाहिए और एक बात प्रायः आजकल के Motherboard Gigabyte की ही बात करूं तो एक Motherboard में 2 ही Frequency वाले Ram Support करते है। तो आपके Motherboard में जो High वाला है उसे ही सेलेक्ट करें। क्योकि Ram यदि थोड़ी ज्यादा भी है तो कोई दिक्कत नही होती लेकिन कम हो तो जरूर होती है। बहुत लोग तो Ram की कमी को दूर करने के लिए इधर-उधर या कही और से मिले Ram को Computer मे लगा देते है। कभी-कभी ये काम तो कर जाता है लेकिन हर बार नही। क्योंकि कभी कभी ऐसा करने आपका सिस्टम पहले से अधिक स्लो हो जाता है कभी-कभी ये आपके Motherboard को भी Damage कर देता है। इसलिए Mix Match करने से बचें।

Hard Disk Drive




Hard Disk Drive आपके Computer की Main Storage होती है जहां आपके System की Window Operating System को Install किया जाता है और साथ ही साथ आपके Software भी इसी में Install किया जाता है। इसमें आपका जो डाटा होता है वो Permanent होता है Ram की तरह नही की System Shut Down हुआ सारा Data Delete/Erase। इसीलिए इसे Secondary Storage भी कहा जाता है। ये तो हो गई इसकी जरूरत क्या होती है। अब बात करते है कि कितने Capacity वाली ले तो मार्केट मे वैसे तो बहुत सारे साइज के Hard Disk Drive उपलब्ध है 500 GB से लेकर 10 TB, 12 TB तक है। अब आपको सुनिश्चित करना है कि आपके लिए क्या सही रहेगा। हालांकि अब मार्केट से 500 GB वाले Hard Disk Drive खत्म हो चुके है शायद ही आपको ये मिलें । मिल जाए तो अच्छी बात है नही तो कम से कम आपको 1 TB की Hard Disk लेनी चाहिए यदि जरूरत आपकी ज्यादा है तो आप खुद से चयन कर सकते है। Hard Disk बनाने वाली वैसे तो 2-3 ही कम्पनियां मेन है जिसमें Western Digital, Seagateऔर Toshiba है जिसमें आपको WD की Hard Disk आसानी से देखने को मिल जाएगी। तो आपको WD की ही 1 TB की Hard Disk के साथ जाना चाहिए। अब इसमें कई कलर भी आते है। जिसका अलग-अलग महत्व होता है लेकिन आपको WD के Blue वाले Edition को ही सेलेक्ट करना चाहिए जो कि एक बेहतर च्वाइस होगा। हालांकि मार्केट में अब नये-नये और भी ऑप्शन आ चुके है जैसे SSD, SSHD इत्यादि जो कि अभी भी काफी महंगे है लेकिन यदि बजट की दिक्कत न हो तो आप इसे कंसीडर कर सकते हैं। यदि आपका काम बहुत ज्यादा हैवी नही है तो आपको Hard Disk के साथ ही जाए। बाद मे जरूरत होने पर आप इसे अपग्रेड भी कर सकते है।


Graphic Card



यदि आपका कार्य कुछ ज्यादा ही Heavy और Graphical है तो आपके सिस्टम को एक अलग प्रकार के Component की आवश्यकता होगी जिसका नाम है Graphic Card ये आपके Processor के Load को कम करता है और सारे Graphical काम को खुद ही हैण्डल करता है। ताकि आपका Processor अपना काम Smooth तरीके से करता रहें और आप बिना किसी रूकावत के बिना किसी परेशानी के अपना काम आसानी के साथ करते रहें। तो यदि आपका काम बहुत हैवी है तो आप इसे कंसीडर कर सकते है।

Cabinet with SMPS


Cabinet ‘वो जो काला वाला बड़ा सा डब्बा होता है अधिकतर काला रंग का ही होता है’ को लोग Cabinet के नाम से कम CPU के नाम से ज्यादा जानते हैं ज्यादातर लोगों से आपने भी सुना होगा। जबकि CPU आपके Processor को कहा जाता है। Cabinet आपके सभी Component को सुरक्षित रखने वाला एक Case होता है जिसमें आपके Computer के सारे Parts को Assemble किया जाता हैं ताकि आपके Components हर प्रकार से सुरक्षित रहें। अब बात करते है कि Cabinet कैसा लेना चाहिए तो इसमे भी काफी Quality आती है Branded से लेकर Non Branded तक। बस ये ध्यान दे कि आपका Case थोड़ा हैवी ही रहे। ऐसा न रहे कि थोड़ा सा भी बल लगते ही वो पिचक जाये या मुड़ जाये इत्यादि ऐसा कुछ होने पर अन्दर लगा कोई Hardware Damage हो सकता है। तो इस बात को ध्यान मे रख कर ही इसका चुनाव करें।

SMPS (Switched Mode Power Supply)




जनरली Cabinet के साथ SMPS लगा ही आता है लेकिन आप इसे अलग-अलग भी ले सकते है नही तो जो Cabinet के साथ जो सेट आता है उसके साथ जा सकते है। SMPS आपके System के Power देने या पहुंचाने का माध्यम् होता है। जिससे आपके सिस्टम का हर Component चलता है। इसलिए इसका चुनाव आपको ठीक से करना चाहिए। SMPS में थोड़ी सी भी गड़बड़ी होने पर आपका सिस्टम काम नही करेगा। मार्केट में आज सस्त से सस्ता तथा Branded SMPS उपलब्ध है। प्रायः लोग सस्ता वाला लेकर अपना काम चलाते है। लेकिन कभी-कभी सस्सा का चक्कर काफी महंगा पड़ जाता है। अगर आपका SMPS किसी प्रकार से खराब या शार्ट हो जाए तो वो आपके किसी और Components को भी जला या Damage कर सकता है। और शायद आपको पता भी होगा कि कोई Components यदि बर्न हो जाए तो कम्पनी उसे किसी भी हाल में रिप्लेस नही करती है। इसलिए जब भी जाए तो Branded के साथ ही जाए क्योंकि इसे आपको एक ही बार लगवाना है तो थोड़ा महंगा ही सही। इसके लिए आप किसी और Components में कटौती करें जरूरत न हो तो Graphic Card इत्यादि न लगवायें। लेकिन SMPS में किसी भी प्रकार का कोई Compromise न करें। अब बात करें कि हमे कितने Watt का SMPS लेना चाहिए या हमारे लिए सही होगा। जो हमारे सिस्टम को बिना किसी Interruption के सुचारू रूप से चलाये। तो इसके लिए कम से कम 450 Watts या 500 Watts का SMPS आपको लेना ही चाहिए। यदि आप इसकी जानकारी चाहिए की आपके द्वारा सेलेक्ट किए गए कम्पोनन्ट कितने Watts का लोड लेगा इसके पहले आप आनलाईन इन वेबसाइटों पर चेक कर सकते है

www.outervision.com or www.coolermaster.com 

इन Websites की सहायता से आप अपने SMPS के सही Watt की जानकारी ले पायेंगे साथ ही आपको वहां ये भी बताया जाएगा कि आपको कितने Watt का लेना चाहिए। हो सकता है वहां आपको 250 Watt या 300 Watt इत्यादि दिखाया जाए तो हमेशा 50 या 100 Watt ज्यादा ही ले ताकि यदि आप भविष्य मे कभी कोई और कम्पोनेंट ऐड करें तो आपके SMPS पर ओवर लोड न हो। नही तो उस समय आपको SMPS ही बदलना पड़ेगा। इसलिए इस बात का आप विशेष ध्यान दें।

Monitor 




जो भी कुछ काम आप अपने Computer करते है वो आपको Visual Monitor पर ही Show होता है। और आज मार्केट में ढ़ेर सारे ऑप्शन मौजूद है। मौजूदा समय में LED की डिमाण्ड ज्यादा है तो आप इसे ही ले तो ज्यादा बेहतर होगा। अब साईज आप अपने अनुसार लें जितनी आपको जरूरत है। वैसे 20, 22 और 24 इंच मार्केट मे ज्यादा चलन में है। तो बजट और साईज की दिक्कत न हो तो 22 या 24 इंच वाला ही लें। और FULL HD वाला ही लें क्योंकि HD वाले Monitor का जमाना अब गया। अब तो 4K 8K का जमाना चल रहा है। जो भी आपकी जरूरत के लिए सही हो उसे अपने अनुसार चुनें।

OS (Operating System)


Microsoft Operation System आपको इसके बारे में जरूर पता होगा। यदि Computer Assemble करने के बाद OS को न Install किया जाए उस सिस्टम मे तो भले ही आपका सिस्टम कितना भी अच्छा और महंगा क्यूं न हो बिना OS के वो एक डब्बा के अलावा कुछ नही होगा। अब बात करते है कि कैसे लोग अपने System में सही OS न डालकर कैसे अपने सिस्टम का Full Performance नही ले पाते है। OS Install करते समय इस बात का ध्यान दें कि जो Operating System आप Install कर रहें हैं वो 32 Bit है या 64 Bi। क्योंकि यदि आपका वर्क नार्मल सा है और आपने सिस्टम में 32 Bit वाला OS Install है और रैम भी 4 GB है तो आपको कोई खास फर्क नही पड़ेगा लेकिन यदि आपका वर्क हैवी है तो बिल्कुल फर्क पड़ेगा। ये भी ध्यान दें कि एक 32 Bit का OS 4 GB से ज्यादा Ram यूज नही करता है। भले ही आपने उसमें 8 GB, 16 GB का Ram लगाया हो। लेकिन यदि 64 Bit का है तो वो आपके Motherboard में Supported जितना भी Ram हो उसका यूज करेगा। इसलिए हो सके तो OS हमेशा 64 Bit वाला ही लोड करें।

UPS (Uninterruptible Power Supply)




UPS बिना रूकावत आपका System सुचारू रूप से चलें। इसके लिए आपको एक अच्छे UPS की जरूरत होगी। क्योंकि हमारे यहां Electricity Proper नही होती है आती-जाती रहती है अब मान लीजिए की आप कोई जरूरी काम कर रहें हैं और आपने UPS नही लगा रखा है और आपने उस वर्क को सेव भी नही किया है। और उसी समय लाईट कट गई, गया.... सब... आपकी मेहनत तो गई, जो भी आप कर रहे थे। अब आपको फिर से सब करना पड़ेगा। इसके अलावा यदि आपने अपने System को Direct Plugin कर रखा है तो बार बार ऐसा होने से आपके सिस्टम पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इस परेशानी से बचने के लिए आपको एक अच्छे कम्पनी का UPS जरूर लगाना चाहिए ताकि कम से कम आप अपने सिस्टम को Proper तरीके से Shut Down कर सकें, अपने वर्क को सेव कर सके लाइट कटने के दौरान। UPS के होने से आपके System की Life बनी रहती है और अनेक झटकों से भी आपका सिस्टम सुरक्षित रहता है। मार्केट में आपको बहुत सारे UPS की Branded कम्पनियां मिल जाएंगी। आप कोई भी अच्छा वाला Selected कर सकते है। और बिना किसी रूकावट के बिना किसी दिक्कत के अपने सिस्टम को ठीक से रन करा सकते है। 

इस प्रकार आप एक सही Computer  का चुनाव अपने लिए आप कर पाएंगे।

ध्यान दें -अब आप अपने द्वारा सेलेक्ट किये गये सामानों की लिस्ट बनाएं और उसे पहले Online उसके रेट की जानकारी कर लें बल्कि उन सबके सामने उनके रेट को Mention भी कर दें। इससे आपको बजट का पता चलेगा। और जब आप Offline जाएंगे तो आपको इस बात का आइडिया हो जाएगा कि दोनों के रेट में कितना अन्तर है। थोड़ा बहुत फर्क तो चलेगा लेकिन बहुत ज्यादा नही। 

अब एक गलती जो लोग कर बैठते हैं वो ये है कि एक ही शॉप पर जाकर फटाफट वही से खरीद लेना ये आपकी सबसे बड़ी गलती होती है। आपको ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि आपको 2-4 शॉप पर Visit करना चाहिए और हर जगह से Estimate ले लेना चाहिए ताकि ये पता चल सकें की इनमें से कौन कितना महंगा और कितना सस्ता दे रहा है। और Online वाले से कौन सबसे Close है। आप इसके लिए जल्दबाजी न करें। समय लेकर आराम से इनका मिलान करें। फिर आपको जहां बेहतर लगे वहां से खरीद लें। ताकि ठगी से आप बच सकें। और पक्के बिल को जरूर ले लें। हो सके तो आप सभी सामानों के Warranty अवधि को भी Mention करा लें। ताकि आपको ये भी पता चलें कि किसकी Warranty कितने दिनों की है। इस प्रकार मुझे लगता है कि आप एक सही Computer का चुनाव कर पाएंगे।

आशा करता हूँ कि मेरी इस पोस्ट से आपको थोड़ी बहुत मदद जरूर मिली होगी। और आपको मेरी पोस्ट पसंद भी आई होगी। यदि आपको ऐसा लगता है कि इस पोस्ट में कुछ अच्छी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं जिसे इससे रिलेटेड सभी का जानना चाहिए तो आप इसे दूसरों के साथ शेयर करें।
मैं शमीम अहमद आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ - नमस्कार

Post a Comment

Please do not enter any type of spam or link in the comment box

Previous Post Next Post