New-Generation-Motherboard-in-Hindi

New Generation Motherboard (Main Board, System Board, PCB Board, Logic Board) in Hindi

Motherboard क्या है? कैसे वर्क करता है? ये सब हम लोग पिछले पोस्ट में जान चुके हैं इसलिए इस पोस्ट में हम उसकी बात नहीं करेंगे यदि आपने हमारे उस पोस्ट को नहीं देखा है तो आप उसे जाकर जरूर देखें ताकि आपको इस पोस्ट को समझने में आसानी हो।

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Old Generation Motherboard

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आज के पोस्ट में हम जानेंगे कि नये जमाने के Motherboard में कितने बदलाव किये जा चुके हैं कौन-कौन सी चीजें हटाई जा चुकी है और क्या-क्या नये फिचर एड किये गये हैं-

POWER SOCKET

power socket

आप इस बात को भलि-भांति जानते हैं कि बिना पॉवर के कोई भी मशीन वर्क नहीं करती है चाहे वो कोई भी मशीन हो, प्रत्येक के लिए पॉवर चाहिए ही चाहिए। उसी प्रकार Motherboard को भी पॉवर चाहिए ताकि वो अपने हर Components तक इलेक्ट्रिसिटी पहुँचा सके। इसके लिए 24 पिन का एक साकेट फिजिकली मदरबोर्ड पर दिया गया होता है और सीपीयू को पॉवर देने के लिए 4 पिन का पॉवर अलग से दिया गया होता है। पहले के मदरबोर्ड मे 20 पिन पॉवर केबल आया करता था उसमे कुछ 24 पिन के भी हुआ करते थे। अबके मदरबोर्ड पहले की अपेक्षा ज्यादा पॉवरफूल हो चुके हैं । पुराने मदरबोर्ड अपने समय के हिसाब से हाई-एण्ड हुआ करते थे लेकिन समय के साथ साथ जब हमारी जरूरते बढ़ी इस कारण से वे हमें अपर्याप्त पड़ने लगे। इन्हीं बातों को ध्यान में रख कर, पुराने कमियों को दूर करने हेतु नए-नए बदलाव करके उसे आज के हिसाब से काम करने के लायक बनाया गया ताकि वो आजके हिसाब से वर्क कर पाए और हमारी अपेक्षाओं पर खरा उतर पाए।

CPU SOCKET

cpu processor socket

सीपीयू का वर्क प्रोसेसिंग का होता है जो आपके समस्त इनपुट को प्रोसेस करके आपको आउटपुट देने का कार्य करता है अब चुंकि जमाना तेजी से वर्क करने का है, इसलिए सीपीयू को भी आज के समय के हिसाब से अपडेट किया गया और पहले की तुलना में दमदार, ताकतवर और बेहतर बनाया गया ताकि वो हैवी से हैवी वर्क तुरंत कर पाए और हीट को मिटाने के लिए उसे कन्ट्रोल करने के लिए उस सीपीयू पर हीटसिंक फैन के साथ गया, ताकि सीपीयू अपना काम बिना रूके हुए लगातार करता रहें।

Ram

ram slots

रैम आपके कम्प्यूटर की बहुत ही इम्पाॅर्टेंट मेमोरी होती है जो आपके समस्त अप्लिकेशन को रन करने में मदद करती है लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि पहले की अपेक्षा अब के अप्लिकेशन बहुत ही ज्यादा हैवी हो चुके हैं इसलिए कम्प्यूटर में इसे रन कराने के लिए हाई फ्रिक्वेंसी के रैम की आवश्कता पड़ती है ताकि हैवी से हैवी एप्लिकेशन आसानी से से रन हो सके, इसके लिए रैम की स्पीड को पहले की तुलना में कई गुना बढ़ाया गया, पहले जहां एसडी रैम, डीडीआर रैम आया करते थे आज डीडीआर-3, डीडीआर-4 रैम आ चुके हैं और अपना बेस्ट दे रहे हैं।

SATA PORT

sata usb ports

पिछला पोस्ट यदि आपने देखा होगा तो उसमें मदरबोर्ड का एक पार्ट आईडीई पोर्ट था जो कि एक चौड़े केबल के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ता था। लेकिन नये मदरबोर्ड में उसे रिप्लेस कर दिया गया और एक नये पोर्ट को हमारे समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसका नाम साटा पोर्ट है। साटा पोर्ट एक छोटा सा पोर्ट होता है जो एक पतले केबल के माध्यम से हार्डडिस्क सेे मदरबोर्ड में जुड़़ता है सेम जैसा पाटा केबल करता था। हालांकि इसकी स्पीड उससे तेज है और इस प्रकार हम अपने फाइल और इम्पाॅटेंट डाक्यूमेण्ट्स अपने सेकेण्डरी स्टोरेज यानि हार्ड डिस्क में सेव कर पाते हैं।

CHIPSET

chipset

पिछले पोस्ट में आपने नार्थ ब्रिज और साउथ ब्रिज के बारे में पढ़ा होगा कि ये क्या थे और क्या काम करते थे। न्यू जनरेशन मदरबोर्ड में इन दोनों को रिप्लेस कर दिया गया और नया फिचर एड किया गया जिसका नाम चीपसेट रखा गया। चीप सेट को इस प्रकार से डिजाइन किया जो कि नार्थ ब्रिज और साउथ ब्रिज का काम अकेला करें और उनसे बहेतर तरिके से करें।

PCI-EXPRESS

pci slots

पीसीआई एक्सप्रेस का (पेरिफेरल कम्पोनेंट इण्टरकनेक्ट एक्सप्रेस) फुल फार्म है और ये पीसीआई का एडवांस वर्जन/नेक्स्ट वर्जन है। आज जमाना हाई ग्राफिक, हाई फ्रेम रेट विडियो और हाई क्वालिटी इमेजेज का है ऐसे में पीसीआई इसे हैण्डल कभी नहीं कर सकता था इसलिए पीसीआई और एजीपी को रिप्लेस करके इसके नेक्स्ट और एडवांस वर्जन को लाया गया जो इन सब कामों को करने में सक्षम है जो कि पीसीआई एक्सप्रेस है। इस स्लाॅट पर आप ग्राफिक कार्ड लगाकर वो सारे काम बड़े आसानी के साथ कर सकते हैं जिसे पीसीआई कभी नहीं कर पाता। हालांकि पीसीआई पूरी तरह से आउटडेटेड नहीं है। अभी भी इसका यूज होता है।


आडियो जैक (AUDIO JACK) -

audio jack

आडियो पोर्ट्स का यूज हम म्यूजिक साउण्ड सुनने या वाइस रिकार्ड करने इत्यादि के लिए करते हैं और जमाना हाइटेक हो चुका है नये जमाने के मदरबोर्ड में साउण्ड को और बेहतर बनाने के लिए इसे और सुधार कर इसे पहले से काफी अच्छा किया गया ताकि आप एक अच्छे साउण्ड का आनन्द लें सकें।

USB (Universal Serial Bus

usb ports

यूएसबी (यनिवर्सल सीरियल बस) के आ जाने के बाद कम्प्यूटर में जबरदस्त बदलाव हुए हैं। जहां पहले सभी चीजों के लिए अलग अलग पोर्ट्स हुआ करते थेे जैसे - सीरियल पोर्ट, पैररल पोर्ट, पीएस-2 इत्यादि के पोर्ट, लेकिन यूएसबी के आने के बाद अधिकतर चीजें यूएसबी की तरफ शिफ्ट होती चली गई। सीरियल पोर्ट, पैररल पोर्ट, पीएस-2 इत्यादि के पोर्ट अब यूएसबी आने लगे जो कि पहले से काफी आसान और यूजर फ्रेंडली भी है। आसानी के साथ लगाया और निकाला जा सकता है।

DISPLAY CONNECTORS

display ports

माॅनिटर को मदरबोर्ड से कनेक्ट करने के लिए जनरली वीजीए पोर्ट का यूज किया जाता रहा है। लेकिन आज जमाना काफी एडवांस हो चुका है इसलिए माॅनिटर को मदरबोर्ड से कनेक्ट करने के लिए भी एक से बढ़कर एक इण्टरफेस आ चुके हैं जैसे- डीवीआई, एचडीएमआई, डिस्प्ले पोर्ट, थण्डर वोल्ट इत्यादि। ये इण्टरफेस ग्राफिक के लिए काफी अच्छे हैं जो कि वीजीए से काफी बेहतर है।

PS/2 PORT

ps-2 port

पीएस/2 की-बोर्ड और माउस आज के समय में पूरी तरह से यूएसबी पर शिफ्ट हो चुके है, लेकिन कुछ मदरबोर्ड में ये आज भी देखने को मिल जाते है लेकिन पहले इनके दो पोर्ट्स अलग-अलग आया करते थे लेकिन आज इसे एक ही पोर्ट में इनबिल्ट कर दिया गया है यानि पोर्ट तो एक ही रहेगा लेकिन आप उसमें दोनों को यूज कर सकते हैं इसलिए इसके लिए आज भी कुछ पीएस-2 की-बोर्ड, माउस बनाये जाते हैं ताकि उन पोर्ट यूज हो सके।

ETHERNET PORT

internet port

इथरनेट पोर्ट का यूज इण्टरनेट कनेक्टिविटी के लिए किया जाता है ताकि हम इण्टरनेट एक्सेस कर पायें।

BIOS

uefi bios

बायोस आपके सिस्टम का एक साॅफ्टवेयर होता है जिसमें आपके द्वारा किया दिया गया ढ़ेर सारा सेटअप और configuration होता है जो हमेश ऐसे ही बना रहे इसके लिए इसे एक चीप में स्टोर किया जाता है। बायोस को कोई भी अपने हिसाब से अपने सुविधा अनुसार बदल सकता है बसर्ते जानकारी होनी चाहिए। अब ऐसा जरूरी तो नहीं है कि सभी को जानकारी हो ही। बहुत लोग ऐसी भी होते है जिन्हें कुछ भी पता नहीं होता है। जिन्हें कुछ पता नहीं होता है उनके लिए तो काफी कठिन होता है। इसलिए इसको भी बदला गया इसके थीम को बदला गया। और इसे ग्राफिकल वे में लाया गया ताकि कोई ग्राफिक को देखकर कुछ उसमें कर पायें कौन सा आप्शन किस लिए है इसे वो समय पाये। इसलिए इसे नया नाम दिया गया यूईएफआई बायोस। अब ये पहले की अपेक्षा काफी अच्छा भी है और आसानी से समझने लायक भी है। थोड़ी बहुत जानकारी रखने वाला व्यक्ति भी इसे आसानी से समझ सकता है।

CMOS Battery

cmos battery

सीएमओएस एक बैटरी होती है जिसका काम आपके सिस्टम में आपके द्वारा किये गये बायोस सेटअप डेट-टाइम इत्यादि को सेव रखे आपके सिस्टम शटडाउन होने के बाद क्युकि इसका मेन काम सिस्टम के शटडाउन होने के बाद ही शुरू होता है। सिस्टम ऑन होने पर तो मदरबोर्ड इसे खुद ही पाॅवर पहुंचाता रहता है। कम्प्यूटर शट डाउन होने के बाद आपके समस्त सेटिंग As It Is अपने जगह बने रहें, उसके लिए सीएमओएस का यूज किया जाता है।

कन्क्लूजन/निष्कर्ष

आज के पोस्ट में हमनें न्यू जनरेशन मदरबोर्ड और उसके पार्ट्स के बारे में जाना। न्यू जनरेशन मदरबोर्ड में क्या चीजें नई एड की गई और किन चीजों को रिप्लेस किया गया इत्यादि। बात करें नई टेक्नोलाॅजी तो नई टेक्नोलाॅजी हमेशा ही अच्छी होती है पुराने वाले से। क्योंकि उस पर रिसर्च करके उस कमी को दूर किया जाता है या फिक्स किया जाता है जो कि हमें नये वाले में देखने को मिलता है इसलिए सदैव नई टेक्नोलाॅजी के साथ ही जायें।

आशा करता हूँ कि इस पोस्ट से आपको कुछ हेल्पफुल जानकारी जरूर मिली होगी। यदि फिर भी इस पोस्ट/टाॅपिक के प्रति कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेण्ट बाॅक्स में जरूर कमेण्ट करें। और यदि पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे लाईक और दुसरों के साथ शेयर भी करें।

इसी के साथ मैं शमीम अहमद आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ-नमस्कार

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