what is solid state drive in hindi


Solid State Drive SSD

यदि आप एक Computer User हैं तो आपने SSD का नाम जरूर सुना होगा।
बीते कुछ सालों की बात करें तो इसके प्रचलन में काफी तेजी आयी है। और वर्तमान समय में इसका यूज बहुत ज्यादा बढ़ गया है। और आने वाले भविष्य में Hard Disk Drive को इसके द्वारा Replace करने की पूरी सम्भावनाएं हैं।

तो चलिए जानते हैं कि SSD क्या है? कैसे काम करता है? और  इसके Advantages और Disadvantages क्या हैं? ताकि भविष्य में कभी खरीदना पड़े तो हम एक सही SSD का चुनाव कर पायें। तो चलिए शुरू करते हैं-

नोट-पिछले कुछ पोस्ट से हम लगातार Storage Devices के बारे में बात कर रहे हैं जिसमें हमने PATA Hard Drive के बारे में जाना। SATA Hard Drive के बारे में जाना। SATA Hard Disk Drive Color Codes के बारे में जाना और अभी इस पोस्ट से पहले वाले में हमने MBR vs GPT के बारे में जाना। उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी वो सभी पोस्ट पसंद आई होंगी।

what is solid state drive in hindi

दोस्तों, SSD के बारे में जानने से पहले हम ये जान लेते हैं कि SSD की जरूरत हमें क्यों पड़ी जबकि हमारे पास पहले से ही Hard Disk Drive का Option मौजूद था। तो जैसा कि आप जानते हैं कि समय के साथ हमारी Technology कितनी Advance होती चली जा रही है। और उसी के हिसाब से हमारा वर्क लोड भी बढ़ता चला जा रहा है। तो ऐसे में काम भी तो उसी स्पीड से होना चाहिए। 

लेकिन Hard Disk Drive के कारण हमारा काम उस Speed से नहीं हो पाता है जिस Speed से होनी चाहिए। इस बात को आप अच्छी तरह से जानते हैं कि हमारा Hard Drive एक Mechanical Structure Based Storage Device है जिसके अन्दर Moving Parts लगे होते हैं तो जब भी Data Access करना होता है तो इसके अन्दर लगा हुआ Read-Write Head बहुत ही Slow Speed से उस Particular Space तक जाता है जहां Data Save होता है तब कहीं जाकर वो Data को Access हो पाता है। और ऐसा उसे हर बार नए Command के साथ करना पड़ता है क्योंकि Data अलग-अलग Place पर Save होता है तो ऐसे में Latency बढ़ती चली जाती है और इसका प्रभाव Speed पर पड़ता है इस कारण से Speed हमें बहुत कम मिलती है।

SATA-2 Drive जिसकी Speed 300 MB/s होती है वो भी हमें एक Average 150-165 MB/s तक की ही Speed दे पाती है। 200 MB/s की Speed तक तो शायद ही कभी पहुंच पाये। आप चाहे तो अपने HDD के Speed को Check कर सकते हैं बहुत सारे Speed Checker Tools आते हैं। वो Tools भी आपको 150-165 MB/s से ज्यादा की Speed नहीं दिखाएंगे। क्योंकि वास्तव में एक Hard Drive 150-165 MB/s से ज्यादे का Speed दे ही नहीं सकता है। लेकिन फिर भी एक बार के लिए हम 200 MB/s की Speed मान लेते हैं तब भी तो ये Speed आज के समय में कुछ नहीं है इसलिए इन सभी Problems को दूर करते हुए 2009 में एक नये प्रकार के Storage Device को लाया गया जिसका नाम SSD है।

SSD का Full Form Solid State Drive होता है। Solid State Drive की Designing पिछले वाले Drive से बिल्कुल अलग तरीके से किया गया है। इस Device में से Moving Structure को पूरी तरह से Replace करते हुए इसे Chip Based बनाया गया। इस Drive में Flash Memory Chip का यूज किया गया जैसे आपके Ram में लगी होती है हालांकि Ram में लगी Flash Memory और SSD में लगी Memory एक दूसरे से अलग होती है। Ram में यूज की जाने वाले Memory Volatile Memory होती है। Volatile Memory एक ऐसी Memory होती है जिसमें कोई भी Date तभी तक मौजूद होता है जब तक की उसमें Power Supply जारी रहें यानि Supply रूकते ही उसमें के सारा Data Delete हो जाता है।

sata solid state drive in hindi

और जो Memory SSD में यूज की जाती है वो Non-volatile Memory होती है। Non-volatile Memory एक ऐसी Memory होती है जिसमें Power On होने पर तो Data रहता ही है लेकिन Power Off हो जाने पर भी Data उसमें Save रहता हैं। यानि Power Off होने के बाद भी कुछ Delete नहीं होता है। 
अब चुंकि SSD एक Secondary Storage Device की तरह यूज किया जाता है इसलिए इसमें Non-volatile Flash Memory Chip का यूज किया जाता है ताकि आपका Data  पूरी तरह से सुरक्षित रहे जैसा कि HDD में रहता था।
Solid State Drive में ढ़ेर सारी Nand Based Memory Chip होती हैं और उन Chips में बहुत बड़ी संख्या में Transistors का यूज किया जाता है। SSDs में Flash Memory Chip अपनी जगह Fixed होती हैं उन्हें Data Access करने के लिए HDD की तरह इधर-उधर Move करना नहीं होता है जिस कारण से Latency का कोई Chance नहीं होता है जिस कारण से ये काफी Fast होती हैं। जबकि HDD में सब कुछ Moving Structure कारण से उसकी Performance काफी Slow होती है।
SSD आ जाने के बाद Computer में Speed की एक नई क्रांति आ गयी। अब Speed को लेकर जो Limitation थी वो अब हट चुकी थी। मार्केट में एक से बढ़कर एक SSD Different-Different Speed के साथ आने शुरू हो गये हैं। इनके Data Read और Write की Speed के आगे HDD कुछ भी नहीं है।
यूं तो मार्केट में कई प्रकार की SSDs उपलब्ध हैं जिसमें Sata SSD, mSATA, SATA Express, M.2 और U.2 इत्यादि उपलब्ध हैं। 
लेकिन अभी हम यहां पर सबसे Basic यानि Starting Level के SSD की बात करेंगे जो कि SATA SSD है
बाकियों के बारे में हम किसी दूसरे पोस्ट में जानेंगे।

SATA SSD

SATA SSD को 2009 में लांच किया गया था जिसकी Speed 600 MB/s होती है और जो SATA-3 Interface पर वर्क करती है। SATA SSD 2.5 Form Factor के Size में आती है। जो HDD की अपेक्षा काफी छोटी और हल्की होती है।

sata ssd in hindi Advantages

SATA SSD HDD के मुकाबले काफी Fast होती है।
SATA SSD की Read-Write Speed 500-550 MB/s तक की होती है।
SATA SSD कम Power Consume करती है।
SATA SSD किसी भी प्रकार का कोई Noise Produce नहीं करती है।
SATA SSD HDD के मुकाबले कम Heat होती है।
SATA SSD के किसी प्रकार से गिर जाने पर Damage का कोई Chance नहीं होता है।
SATA SSD की Booting Speed HDD के मुकाबले काफी Fast होती है।
SATA SSD की Lifespan HDD के मुकाबले अधिक होती है।
SATA SSD HDD अपेक्षा ज्यादा Reliable होती है।

Disadvantages

SATA SSD HDD के मुकाबले बहुत Costly होती है।
SATA SSD की Capacity HDD के मुकाबले काफी कम होती है।
SATA SSD यदि Physical Damage हो जाए तो Data को Recover नहीं किया जा सकता है।
SATA SSDs के इन्हीं सब कारणों की वजह से आज भी Storage के मामले में HDD SSD को पीछे छोड़ देता है।

तो आज के इस पोस्ट में हमनें SSD के बारे में विस्तार से जाना।

मुझे उम्मीद है कि आपको अच्छे से समझ आया होगा।
यदि पोस्ट अच्छा लगा हो तो इसे शेयर करें और यदि कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेण्ट करें।
इस पोस्ट पर अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद
मिलता हूँ अपने नेक्स्ट पोस्ट में तब तक के लिए-नमस्कार

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