sata 1 sata 2 sata 3 cable and colour code in hindi


Sata 1 Sata 2 Sata 3 Cable and Colour Code in Hindi

साटा केबल को आपने कभी न कभी जरूर देखा होगा। जी हां, वही Serial ATA Cable जो Hard Disk और SSD को Motherboard से Connect करने के लिए किया जाता है।

साटा केबल कोई नया केबल नहीं है इसको आये हुए लगभग-लगभग 15-16 साल हो चुके हैं। 2004 से ही हम इसे यूज करते चले आ रहे हैं। हालांकि आज मार्केट में बहुत सारी नई Technologies आ चुकी हैं। बावजूद इसके ये आज भी चलन में है।
sata 1 sata 2 sata 3 cable and colour code in hindi

जनरली, आज भी बहुत सारे लोगों के मन में Serial ATA Cable को लेकर बहुत सारे Confusion हैं। जैसे-साटा 1, साटा 2, साटा 3 क्या होता है? इनमें क्या फर्क है? क्या सभी Same होते हैं?

साटा केबल के अलग-अलग कलर का क्या मतलब होता है? उन सभी में कौन-सा कलर वाला केबल सबसे अच्छा होता है? इत्यादि।

तो चलिए आज के इस पोस्ट में हम सभी चीजों के बारे में बारी-बारी जानते व समझते हैं-

जैसा कि आप जानते हैं कि Serial ATA Community वालों ने साटा के कुल 3 Revisions Launched कर चुके हैं जिसमें साटा-1.0 (1.5 GB/s), साटा-2.0 (3 GB/s) और साटा-3.0 (6 GB/s) है।


जिसमें पहला रिवीज़न साटा-1.0 (1.5 GB/s) को 2003 में Introduced किया गया था। जिसके साथ एक केबल  भी लांच किया गया था।

दूसरा रिवीज़न साटा 2.0 (3 GB/s) 2004 में Introduced किया गया था।

तीसरा और आखिरी रिवीज़न साटा 3.0 (6 GB/s) को 2009 में Introduced किया गया था।

इसके साथ-साथ ही जो केबल 1st Revision के साथ Introduced किया गया था उसमें भी बदलाव किया जाता रहा। हालांकि ये बदलाव External था Internal नहीं।


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साटा 1 केबल जो कि सबसे पहले रिलीज किया गया था उसमें केबल काफी सिम्पल था। जो कि उस समय के हिसाब से बनाया गया था। लेकिन बाद में उसमें बहुत सुधार किया गया क्योंकि ये केबल काफी कमजोर हुआ करता था Locking Mechanism नहीं हुआ करता था और ऐसा ही कुछ हाल साटा PORT का भी था वो भी काफी सिम्पल होता था तो जब इनको Connect किया जाता था तो कभी-कभी हाथ लगने या Maintenance करते समय ये आसानी से बाहर की ओर खींच जाता था। Fragile होने के कारण केबल  का Connector Point फट जाया करता था और Port टूट जाता था। तो इन कमियों को दूर करना बहुत ही जरूरी था।

इसलिए इन सभी कमियों का दूर कर साटा केबल का रिवीज़न 2.0 लांच किया गया। इसमें पूरानी कमियों को दूर कर नई चीजों के साथ लांच किया गया जैसे- केबल को मजबूत किया गया, Locking Mechanism लगाया गया, केबल के एक End को 90 Degree Angled किया गया क्योंकि जब कभी भी केबल को CD/DVD या Hard Disk Unit से Connect करना होता था तो काफी Problem होती थी। 90 Degree Angled के हिसाब से Move करने पर अक्सर केबल खराब हो जाया करते थे।

साटा Port को भी इसी के According बनाया गया। इन चीजों के आ जाने से अब Durability बढ़ गई। Locking Mechanism आने से अब केबल पोर्ट के साथ Lock हो जाया करता था।

साटा रिवीज़न 3.0 केबल में कोई भी बदलाव नहीं किया गया Same साटा 2.0 केबल के साथ इसे साटा 3.0 (6 GB/s) के साथ Introduced कर दिया गया।

अब सबसे बड़ा Confusion-

साटा-1, साटा-2 और साटा-3 Cable अलग होते हैं और ये एक दूसरे में नहीं लगाये जा सकते हैं। जैसे-साटा -1 केबल को साटा-2 या 3 में नहीं लगाया जा सकता है। और उसी प्रकार साटा-2 को साटा-3 या साटा-1 पर नहीं लगाया जा सकता है। और उसी प्रकार साटा-3 को 1 या 2 पर नहीं लगाया जा सकता है।

यानि जिस रिवीज़न का Storage Device उसी  रिवीज़न का केबल भी होना चाहिए। जबकि ये धारणाऐं बिल्कुल गलत है। ऐसा कुछ भी नहीं है।

आप साटा-1 को साटा-2 या 3 पर Connect करके चला सकते हैं। साटा-2 को साटा-3 या 1 पर Connect  करके चला सकते हैं। केबल कोई भी हो हर रिवीज़न के साथ Compatible है केबल में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं है।

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साटा पोर्ट में Definitely बदलाव है यदि आप साटा-3 वाले SSD को साटा-1 पर लगायेंगे तो 100% Speed में फर्क पड़ेगा उस Port की जो Speed होगी वहां पर आपको वही मिलेगी। साटा-2 वाले को 1 पर लगायेंगे तो उसके हिसाब से आपको Speed मिलेगी। लेकिन अब ऐसा भी नहीं है कि साटा-1 वाला Hard Disk साटा-3 पर Connect कर देंगे तो वहां पर आपको साटा-3 वाली Speed मिलने लगेगी। ऐसा नहीं होता है। जिसकी जो Speed निर्धारित है वहां पर आपको वो मिलेगी।

लेकिन इसमें केबल की वजह से Speed पर किसी भी प्रकार का कोई फर्क नहीं पड़ता है चाहे साटा-1 हो साटा-2 हो या साटा-3 केबल हो।

हालांकि साटा Port-1 और उसका केबल आज पूरी तरह से Outdated हो चुके हैं इसलिए आज ये कहीं भी उपलब्ध नहीं है। हो सकता है कि अभी भी बहुत लोगों के पास हो जिसे वो आज भी यूज करते हो।
तो यहां आपने जाना कि साटा केबल  1, 2, 3 क्या है? और सभी में क्या फर्क है? 

SATA Cable Colour Code-

साटा केबल Colour Code को भी लेकर लोग बहुत ही Confuse रहते हैं।
जैसे-मार्केट में कई कलर के साटा केबल उपलब्ध है जिसमें आपको Black, Red, Blue, Yellow, Orange इत्यादि कलर मिल जाएंगे।

तो लोग इसमें भी Confuse हो जाते हैं कि कौन सा वाला अच्छा है और कौन सा वाला बेकार है या कौन सा वाला हमें लेना चाहिए और कौन सा वाला नहीं।

कुछ लोग समझते हैं कि Black वाला Red वाले से अच्छा होता है तो वही कुछ लोग समझते हैं कि Blue वाला वाला Red और Black से अच्छा होता है। जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। Red, Black, Blue, Yellow, Orange बस एक कलर है और कुछ नहीं।

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Red लो, Black लो, Blue लो या जो जी चाहे वो लो लेकिन कलर से Performance पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।

ये तो आपके Choice के हिसाब से बनाया गया है जैसे-किसी को Red पसंद होता है, किसी को Blue पसंद होता है, तो वहीं किसी को Black पसंद होता है। तो ये आपके ऊपर डिपेण्ड होता है कि आप कौन-सा वाला कलर पसंद करते हैं।

आज-कल तो मार्केट में और भी अच्छे-अच्छे साटा केबल आ चूके है जो कि Dark में Sign करते है जैसे कि रेडियम करता है। तो बहुत सारे लोग उसे भी लेना प्रिफर करते हैं।

अन्त में मैं एक फिर से Repeat कर दूँ कि साटा केबल किसी भी Revision का हो 1, 2, 3 किसी का भी वो एक-दूसरे के साथ Compatible होते हैं कोई किसी में भी लग जाएगा और अच्छा वर्क करेगा।

उसी प्रकार यदि आपको कलर का बहुत शौक है तो आप कोई सा भी चुन सकते हैं जो भी आपको पसंद हो उससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि वो बस एक कलर है।

ध्यान दें-

यदि आप एक नया साटा केबल खरीदना चाहते हैं तो Definitely आपको नये और Latest वाले के साथ जाना चाहिए क्योंकि जब ले ही रहे हैं तो Latest वाला ही क्यो न लें। हम क्यों पुराना वाला कन्सीडर करें।

उम्मीद है जो भी आपको ऊपर बताया गया वो आपको समझ आया होगा।
इसी के साथ मैं शमीम अहमद आपसे विदा लेता हूँ।
मिलता हूँ अगले पोस्ट में तब तक के लिए नमस्कार।




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