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What is USB (Universal Serial Bus) in Hindi?

दोस्तों, आप इस USB से काफी परिचित होंगे और काफी समय से इसका युज भी कर रहे होंगे। और आप ही नहीं बल्कि आज के समय में इसका यूज हर एक यूजर कर रहा है।

USB कोई नया Standard नहीं है। इसको आये हुए काफी समय हो चुका है। और इसीलिए ये एक User Friendly Interface बन चुका है।

लेकिन बात शुरूआत से लेकर अब तक की करें तो USB में बहुत सारे बदलाव हो चुके हैं। क्योंकि USB Community समय-समय पर नये-नये नामों और नये-नये Version के साथ USB को Release करती रही है। इसीलिए आज USB बहुत सारे Variety हो चुके हैं। 

जैसे- USB Type, Mini - Micro Type, Connector Type, USB Color Code, USB Power Output इत्यादि।

इन सभी के बारे में जानकारी रखना एक मुश्किल भरा काम है। और यही कारण है जो लोग इस चीज पर उतना ध्यान नहीं देते हैं। इन चीजों को नजर अंदाज करते हैं। 

लेकिन जब कभी उनको इसकी जरूरत पड़ती है तब वें इन सभी के बीच में उलझ जाते हैं, परेशान हो जाते है।

उन्हें नहीं समझ आता है कि USB Type A, Type B, Type C क्या होता है? उसमें भी USB Mini - Micro क्या होता है? अलग-अलग Connector किस काम के लिए होते हैं? अलग-अलग Connector के Color का क्या मतलब होता है? सभी के Power Output में क्या फर्क होता है? इत्यादि।

यदि आपको भी इन सब चीजों के बारे में विशेष जानकारी नहीं है तो एक बार को आप भी सोच में पड़ गये होंगे।

तो आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम इन तमाम सवालों के जवाब जानने वाले हैं। ताकि आपके सभी Doubts Clear हो जायें और आप भविष्य में इन चीजों के बीच के Difference को समझ पायें। तो चलिए शुरू करते हैं।

सबसे पहले हम उन सभी प्रश्नों को जान लेते हैं जिनके बारे में हम Step by Step बात करने वाले हैं-

1. What is USB and How it works?

2.  Use of USB.

3. History of USB.

4. Types of USB.

5. USB Generation / Version.

6. USB Connector Type.

7. USB Speed.

8. USB Power Output.

9. USB Color Code.

10. Conclusion.

तो ये हैं वो प्रश्न जिनके बारे में हम एक एक कर Detail में जानने वाले हैं।

ध्यान दें- इस पोस्ट में हर एक चीज Deep Level पर समझायी जाएगी ताकि आपको हर एक Point अच्छे से समझ आये। इसलिए हो सकता है कि ये पोस्ट थोड़ा लम्बा हो जाए। 

लेकिन यदि आप USB के बारे में Detail में जानना चाहते हैं USB के हर एक बारीकी को समझना चाहते हैं तो आपको ये पोस्ट पूरा देखना होगा। क्योंकि अधूरी जानकारी किसी काम की नहीं होती है। इसलिए आपसे आग्रह है कि पोस्ट को पूरा जरूर देखें।

तो चलिए चलते हैं अपने सबसे पहले प्रश्न पर जो कि हैं-


What is USB and How it works?


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USB एक Plug and Play Interface है जो दूसरे Device को हमारे Computer या Laptop से कनेक्ट करने का काम करते हैं। यानि USB की मदद से दो अलग-अलग Devices या Peripherals को एक साथ आपस में Connect कर Communication / Data Transmission करने का काम किया जाता है।


Use of USB

आज के समय में USB एक International Standard बन चुका है। इसलिए इसका Use Widely किया जा रहा है। और बात USB के यूज की करें तो आज USB आपको लगभग हर Device में देखने को मिल जाएगा।

जैसे- Computer, Laptop, Keyboard, Mouse, Joystick, Pendrive, Camera, Power Bank, Micro Phone Tablet, Webcam, T.V., Monitor, Digital Camera, Printer, Scanner इत्यादि।

History of USB

USB को 7 Companies Compaq, Intel, IBM, DEC, NEC, Microsoft और Nortel ने मिलकर 1994 में बनाना शुरू किया था।

USB को बनाने का Main Purpose ढ़ेर सारे Connectors को Replace करने का था। जैसे- Serial Port, Parallel Port, PS/-2 Port, Game Port इत्यादि।


How Many Types of USB?

USB में कुल 3 Types होते हैं।

1. USB Type A

2. USB Type B

3. USB Type C

आज के समय में ये 3 ही Type Main हैं।

लेकिन USB Type A और USB Type B में Standard वाले के अलावा भी 2-2 Version और होते हैं। जो कि USB Type A Mini - Micro और USB Type B Mini - Micro हैं।


USB Type A


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USB का Type A Connector बहुत ही Common Connector है। जो प्रायः आपको लगभग हर एक Device में देखने को मिल जाएगा। आप किसी भी प्रकार का USB Based Device लीजिए भले ही उसके Second End पर कोई दुसरा Connector हो लेकिन उसके First End पर Type A होगा ही होगा।

जैसे- Printer Cable, Mobile Cable, Digital Camera Cable इत्यादि।

इन सभी Cables के दूसरे End पर दूसरे Type का Connector होता है लेकिन First End पर Type A Connector होता है। इसीलिए तो इसे Universal Connector कहा जाता है।

USB का Type A Connector ही एक ऐसा Connector है जो Backward and Forward Compatible होता है। यानि आपके पास चाहे USB Type A का Version 1.0 हो, Version 1.1 हो या Version 2.0, 3.0 हो वो एक दूसरे के साथ आसानी के साथ काम करेंगे। हां, Speed और Power Output में फर्क जरूर देखने को मिलेगा। यानि जो चीज उसमें सबसे निम्न स्तर का होगा चीजे उसी के हिसाब से वैरी करेंगी।

जैसे- आपके पास USB 3.0 वाला Cable है लेकिन Interface 2.0 वाला है तो आपको Speed 2.0 वाली ही मिलेगी न कि 3.0 वाली।

उसी प्रकार यदि आपके पास USB 3.0 वाला Interface है लेकिन Cable 2.0 है तब भी आपको Speed औरPower Output USB 2.0 वाली ही मिलेगी। यानि सारी चीजें उस निम्न स्तर वाले चीज पर डिपेण्ड हो जाएंगी। हां, ये है कि वर्क करेंगी। चाहे Slow या Fast।


USB Type A Mini और Micro


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पहले USB Type A का Mini और Micro Version भी आया करता था। लेकिन समय के साथ-साथ Technology तेजी से बदलती गई और नई-नई चीजे आती गई। इसी कारण से इसे Replace होना पड़ा। क्योंकि जो नई चीजें आई थी वो पुराने वाले से काफी Advance थी। वैसे इसका यूज Mobile Phone इत्यादि में होता था।


USB Type B


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USB Type B Cable और Interface आपने जरूर देखा होगा। जो Generally आज कल के Printer में यूज होता है।

आप दिये गये इमेज में देख सकते हैं।

आपको ये Cable लगभग - लगभग सभी General Printers में देखने को मिल जाएगा।

इस Cable के एक छोर पर आपको Type B Connector देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर आपको USB Type A Connector देखने को मिलेगा।

ध्यान दें-यहां पर बात Type B Cable के Standard वाले Cable की  हो रही है।

अब बात करते हैं USB Type B के Mini और Micro की।


USB Type B Mini


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USB Type B Mini का यूज ज्यादातर Digital Camera और Nokia Mobile में अत्यधिक होता था। इस Cable के Connector में कुल 5 Pins होते थे। 

इसी प्रकार का एक और Cable आया करता था। जिसमें कुल 4 Pins हुआ करते थे। ये Connector 5 Pin वाले Connector के मुकाबले छोटा होता था। इस 4 Pin वाले Connector का यूज ज्यादातर पुराने Kodak Camera में किया जाता था।

लेकिन समय के साथ ये चीजें पुरानी हो गई और नई चीजों के आ जाने के बाद वो खत्म हो गई।


USB Type B Micro



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USB Type B Micro Connector USB Type A के बाद सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला Interface है। क्योंकि ये Connector अत्यधिक Mobile Device में यूज होता है।

एक समय था जब हर एक Company अपना Charger Connector और Interface अपने Device के हिसाब से बनाया करती थी। जैसे- Nokia अपने Charger Connector और Interface को अपने हिसाब से बनाया करता था। Samsung अपने हिसाब चीजे बनाता था। HTC अपने हिसाब से और Motorola अपने हिसाब से।

तो इस प्रकार एक कम्पनी का Charger, Cable इत्यादि दुसरे कम्पनी के डिवाइस में यूज नहीं हो सकता था। केवल उसी कम्पनी के मोबइल इत्यादि में युज हो सकता था। तो इस प्रकार काफी परेशानी होती थी।

लेकिन जब मार्केट में Type B का Micro Connector आना शुरू हुआ तब सभी Companies धीरे-धीरे इसे अपने Product में यूज करना शुरू करने लगी। और धीरे-धीरे वो पूरी तरह इसी पर Shift हो गई। और इस प्रकार ये Cable भी Type A के बाद Universal बन गया।

ये Cable Connector लम्बे समय से यूज किया जा रहा है। आप आसानी के साथ इस Connector को अपने Mobile Phone और अन्य Chargeable Device में देख सकते है।

ध्यान दें- यहां पर बात Generation की नहीं हो रही है। Cable Type A, Type B और Type C की हो रही है। Generation वाली बात हम Generation वाले पार्ट में करेंगे।


USB Type C


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ये Connector और Interface अब तक के सभी Connector और Interface में सबसे अलग और सबसे Latest है। कैसे? चलिए जानते है-

अभी तक आपने जितने भी Cable Connector और Interface देखे हैं उसमें आपने एक चीज देखा होगा कि वो केवल एक ही तरफ से Insert होते थे। यानि यदि आप उसे पलटकर लगाना चाहे तो वो नहीं लग सकते थे। क्योंकि वो एक ही तरह से Inset करने के परपज से बनाया गया था।

चाहे वो Type A हो Type B हो, Mini हो Micro हो। ये सब एक ही तरफ से Insert हो सकते थे।

तो ऐसे में कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कोई व्यक्ति जिसको इसकी जानकारी नहीं है और आपने उसे अपना Mobile या कोई Chargeable Device दे दिया Charge करने के लिए तो ऐसे में यदि वो Charger को सीधा लगाता है तब तो वो आसानी के साथ Insert हो जायेगा। 

लेकिन यदि वो उसे गलत तरीके से लगाने की कोशिश करता है तो जाहिर सी बात है कि वो Insert होगा ही नहीं और यदि वह व्यक्ति उसे बलपूर्वक Insert करने की कोशिश करता है तो आपको भी पता है कि क्या होगा। या तो कनेक्टर खराब होगा या फिर Female Interface और हो सकता है कि दोनों ही खराब हो जाये। 

तो ले-देकर नुकसान आप ही का है।

तो इन्हीं चीजों को ध्यान में रखते हुए USB Community ने Type C Connector को बनाया जो दोनों तरफ से लगाया जा सकता है।

आप चाहे उसे उलटकर लगाये या पलटकर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। और इसीलिए इसे Reversible Connector भी कहा जाता है।

इस Connector के आ जाने के बाद एक तरफ से Insert करने वाला चक्कर ही खत्म हो गया।

आज USB का Type C Connector आपको आसानी से Laptop, Tablet, Mobile Phone इत्यादि में देखने को मिल जाएगा।

और आने वाले समय में ये Connector Micro USB को धीरे-धीरे Replace कर Universal बन जाएगा। और पूरे World में ये Widely यूज होगा।

इस Connector का Future इसलिए भी Bright है क्योंकि इस केबल की मदद से आप न केवल Fast Data Transfer कर सकते हैं बल्कि आप अपने किसी Device को Charge भी कर सकते हैं क्योंकि ये Cable 100 Watt तक का Power Output भी Deliver करता है। यानि Data Transmission के साथ-साथ Charging का भी मजा उठा पायेंगे। और कनेक्टर भी ज्यादा बल्की भी नहीं है।

यही कारण है कि अब सभी Companies धीरे-धीरे अपने Products में इसका यूज तेजी के साथ करने लगी हैं। चाहे वो Mobile Makers हो, Laptop Makers हो या कोई अन्य Device Maker।

Apple Company का नाम आपने जरूर सुना होगा ये कम्पनी अपने हर Product के सभी चीजें दुसरी कम्पनी से हट कर एकदम अलग बनाती है Example के लिए आप इसका Mobile Charger का Connector देख सकते हैं। ये Connecter किसी अन्य Company के मोबाइल में यूज नहीं हो सकता है। 

लेकिन... अब Apple भी अपने Devices में USB Type C का यूज करना शुरू कर चुकी है। तो इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि आने वाले समय में ये Type C Connector कितना Popular होने वाला है।


USB Versions / Generations 


USB 1.0

जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि USB को कुल 7 Companies ने मिलकर 1994 में डिजाइन करना शुरू किया था। और उन्होने 1996 में USB का 1st Version Release किया जो कि USB 1.0 था।

हालांकि इसके पहले भी उन्होंने USB के कुछ Pre-version भी रिलीज किये थे जिसमें USB 0.7, USB 0.8, USB 0.9 और USB 0.99 इत्यादि थे।

लेकिन ये Officially Release नहीं किये गये थे। जो Officially Release किया गया वो USB 1.0 था।

USB 1.0 की Maximum Speed 1.5 Mb/s की थी जो कि आज के Speed के हिसाब से कुछ भी नहीं है। कुछ भी नहीं। 

लेकिन चुंकि ये उस समय का नया Standard था और उस जमाने में Fast Data Transfer Speed की कोई विशेष  Requirement भी नहीं हुआ करती थी। जितनी की आज है।

इसलिए ये Speed उस समय के हिसाब से बहुत थी। और चुंकि ये USB का पहला Version था इसलिए सभी चीजें लिमिटेड ही थी।

यूएसबी के इस Version की स्पीड बहुत कम थी इसलिए इसे USB Low Speed के नाम से भी जाना गया।


USB 1.1

USB Community ने थोड़े समय बाद ही यानि 1998 में USB का एक और Version Release किया जो कि USB Version 1.1 था।

USB Community ने इस Version में Speed पर काफी काम किया था। इस Version में जो Speed आपको देखने को मिलता था वो था 12 Mb/s यानि लगभग 1.5 MB/s जो कि पुराने वाले के मुकाबले काफी ज्यादा थी। इस Version के Speed को देखते हुए इसको USB Full Speed का नाम दिया गया।

जैसा कि आप जानते हैं कि समय के साथ-साथ हमें हर चीज Slow लगने लगती है। क्योंकि हमारी जरूरतें बढ़ जाती हैं। और वो Particular चीज जिसका यूज हम करते चले आ रहे होते हैं वो उन Needs को पुरा नहीं कर पाता है। तो हमें बहुत बुरा लगता है।

ऐसा ही कुछ USB के साथ भी हुआ। समय के साथ-साथ ये भी हमें Slow लगने लगा। और हमें और भी ज्यादा Speed की जरूरत पड़ी।


USB 2.0

चुंकि पुराना Standard हमारी जरूरतों को पुरा करने में असमर्थ था इसलिए USB Community वालों ने सन 2000 में एक नये Version को Release किया जो कि USB 2.0 था।

USB के इस Version में आपको 480 Mb/s की Speed मिलती है। यानि 60 MB/s पर सेकेण्ड। जो कि पिछले वाले के मुकाबले कही ज्यादा है। और इसीलिए इसे High Speed का नाम दिया गया।

USB का ये Version अब तक के सभी Versions में Widely Popular रहा है। और आज भी Use में है। आज के समय में आप इसे आसानी से हर जगह यूज होते हुए देख सकते हैं।

USB का ये Version Backward Compatible था। यानि इसका यूज आप USB 1.0 और USB 1.1 के साथ भी कर सकते थे।


USB 3.0

जैसा कि आप जानते हैं कि जब USB 1.0, USB 1.1 और USB 2.0 को लांच किया गया था तब तक उतने High Definition के Video, Audio, High Quality Image नहीं हुआ करते थे।

लेकिन अब समय बदल चुका था और USB 2.0 को आये हुए भी हुए भी काफी समय हो चुका था। और मौजुदा समय के हिसाब से USB 2.0 की Speed काफी कम लगने लगी थी। इसीलिए USB Community ने 2008 में एक नये Version 3.0 को लांच किया। 

इस Version में आपको Maximum Speed 5 Gb/s देखने को मिला जिसे Byte में Convert किया जाय तो ये 625 MB/s हुआ जो कि काफी अच्छी स्पीड है। कहां 60 MB/s और कहां 625 MB/sएमबीपीएस। एक बड़ा गैप है दोनों की स्पीड में।

इस वर्जन के आ जाने के बाद Data Transmission Mode में काफी Improvement देखने को मिला था।


USB 3.1

USB 3.1 को USB Community ने 2013 में Release किया था। जिसकी Maximum Speed 10 Gb/s थी। यानि पुराने 3.0 वाले से Double। और ये Speed अभी तक में सबसे ज्यादा थी। इस Version के Speed को देखते हुए ही इसे Super Speed का नाम दिया गया।

अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि नये Version के आ जाने के बाद पुराने सभी Version हो गये या उसकी Manufacturing कम्पनी द्वारा बन्द कर दी गई। ऐसा कुछ भी नहीं है।

क्योंकि जब तक मार्केट में किसी Particular चीज की Demand होती रहेगी तब तक कम्पनी उस पार्टीकुलर चीज कम्पनी बनाती रहेगी।

हां, USB 1.0 और USB 1.1 जरूर बन्द हो चुके हैं क्योंकि वो काफी पुराने स्टैण्डर्ड हो चुके थे। और मौजूदा समय के हिसाब से वो वर्क नहीं पाते। इसीलिए कम्पनी ने इसको बन्द कर दिया। 

लेकिन USB 2.0 आज भी चल रहा है। और तब तक चलता रहेगा जब तक इसकी डिमाण्ड मार्केट में रहेगी।

हां, जैसे-जैसे लोग नये-नये Interface को अपनाते जाएंगे वैसे-वैसे पुराना स्टैण्डर्ड अपने आप खत्म होते जाएंगे।


USB 3.2

USB 3.2 को USB Community ने 2017 में Release किया था। इस Version की Maximum Speed 20 Gb/s है। यानि लगभग 2.5 GB/s जो कि एक बहुत ही अच्छी स्पीड है।

USB 3.1 तक सभी चीजें ठीक-ठाक चल रही थी। लेकिन जब USB Community ने USB 3.2 को लांच किया उसके बाद उन्होंने काफी Confusion Create कर दिया। क्या ?

चलिए समझते हैं-

जब USB 3.2 को USB Community द्वारा रिलीज किया गया उसके साथ ही USB वालों ने USB 3.0 से लेकर 3.2 तक के नामों में उलट फेर कर दिया। 

जैसे- जो USB 3.0 था उसको USB 3.1 कर उसके आगे Gen 1 जोड़ दिया गया। तो इस प्रकार जो USB 3.0 अब USB 3.1 Gen 1 बन गया। 

उसी प्रकार जो USB 3.1 था उसे USB 3.1 Gen 2 कर दिया गया। तो इस प्रकार USB 3.1 अब USB 3.1 Gen 2 बन गया।

और जो Actual में 3.2 था जिसकी Maximum Speed 20 Gb/s थी उसे 3.2 Gen 2 x 2 कर दिया गया। 

ग्राफ के माध्यम से समझते है-

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है न काफी Confusing 

लेकिन थोड़ा अच्छे से समझने के बाद आपको जरूर समझ आ जाएगा।

अब यदि आपको ये सारी चीजें समझ आ गई हैं या आप इस चक्कर को समझ चुके हैं तो... बहुत ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप दिमाग एक बार फिर से चकराने वाला है। क्यों ?

चलिए आगे देखते हैं-

अभी तक हमनें समझा था कि USB Community वालों ने-

USB 3.0 को USB 3.1 Gen 1 कर दिया था।

USB 3.1 को USB 3.1 Gen 2 कर दिया था।

और USB 3.2 को USB 3.2 Gen 2 x 2 कर दिया था।

Clear

अब एक बार फिर से USB Community को पता नहीं क्या मजा आया कि उसके एक बार फिर से इन बदले हुए नामों को एक बार फिर से बदल दिया।

एक तो बड़ी मुश्किल से समझ आया था चलो एक बार फिर...

इस बार USB Community ने 

USB 3.1 Gen 1 को USB 3.2 Gen 1 कर दिया।

USB 3.1 Gen 2 को USB 3.2 Gen 2 कर दिया।

और जो USB 3.2 Gen 2x2 था उसे Same ही रहने दिया।

चलिए ग्राफ से समझते हैं-


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ये चीजें काफी Confusing और Irritating है।

लेकिन समझा तो पड़ेगा।

लेकिन फिर भी यदि नहीं समझ आ रहा है या समझने में काफी दिक्कत हो रही है तो अब आपको एक सिम्पल तरिका बताता हूं जिससे आपको समझने में काफी आसानी होगी।

दरअसल ये तरिका USB Community द्वारा ही Release किया गया है। लेकिन इसको ज्यादा Highlight नहीं किया गया जिस कारण से कम ही लोगो को इसके बारे में पता है।

दरअसल बार-बार Name Change करने के कारण यूजर को तो परेशान होना ही था। और ये बात USB Community भी अच्छी तरह से जान व समझ रही थी कि हमारे द्वारा फैलाये गये भ्रम में उलझकर Consumer काफी परेशान होगा। इसीलिए उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए इन नये नामों के साथ एक-एक Logo / Symbol भी रिलीज किया जो उनके साथ ही Printed होगा ताकि Consumer आसानी से इन सभी में अन्तर कर पाये और अपने लिए बेस्ट चुन सके।

उसने तीन प्रकार के Logo बनाया जो कि प्रायः ये थे-

1.  5 Gb/s

2.  10 Gb/s

3.  20 Gb/s


5 Gb/s - 


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यदि USB Cable पर 5 Gb/s का Logo लगा है तो ये इसका Sign है कि वो Cable Actual में USB 3.0 है। आपको USB 3.0, USB 3.1 Gen 1 या USB 3.2 Gen 1  इन सबको याद करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। 5 Gb/s का Logo है तो वो USB 3.0 है।


10 Gb/s-


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यदि किसी USB Cable पर 10 Gb/s का Logo लगा है। तो वो Cable Actual में USB 3.1 है। यहां पर भी आपको इसके अतिरिक्त कुछ देखने की जरूरत नहीं है। 10 Gb/s का Logo इस बात का प्रमाण होता है। 

20 Gb/s-


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यदि Cable में 20 Gb/s का Logo लगा है तो वो Cable USB 3.2 Actual में है। आपको यहां भी फालतू के चीजों को देखकर Confuse होने की जरूरत नहीं है। 20 Gb/s का Logo इस बात का प्रमाण होता है।

देखा आपने कितना आसान है। बस Logo देखों और आसानी के साथ सभी में फर्क समझ लो। इनके लोगो कैसे हैं आप नीचे दिये गये इमेज में भी देख सकते हैं।

एक चीज और जैसा कि आज जमाना सस्ते का है तो यदि आप Local Cable Purchase करते हैं तो हो सकता है कि Printed कुछ हो और Cable कुछ।

(USB 3.0 में Type A Cable Connector को छोड़कर Type B का Standard Cable Connector Change हो जाता है। और साथ ही साथ USB Type B का Micro Connector भी Change हो जाता है। यानि दोनों में कनेक्टर में अलग से कुछ Portion (भाग ) जुड़ जाता है। आप नीचे दिये गये इमेज में देख सकते है।)


USB 4

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इस सब झमेलों में उलझाने के बाद USB Community ने 2019 में USB के एक नये Version USB4 को Release किया।

ध्यान दे इस बार केवल USB4 इसके पीछे से .0 को हटा दिया। जैसे के पहले 1.0, 2.0 3.0 होता था। इसके पीछे क्या रिजन है ये तो USB Community ही जाने।

इस Version में आपको 40 Gb/s की Maximum Speed देखने को मिलती है। जो कि बहुत ज्यादा की Speed है।

ध्यान दें - USB4 Version Thunderbolt Protocol पर वर्क करता है।

यदि आपको नही पता की Thunderbolt क्या होता है?  (What is Thunderbolt in Hindi?) तो 

नीचे दिये गये Link पर Click कर आप Thunderbolt के बारे में जान सकते हैं।

What is Thunderbolt in hindi?

USB का ये Version अब तक का सबसे Latest Version है अब इसमें भी USB 3.0 की ही तरह 4.1, 4.2 इत्यादि आयेगा की नहीं ये तो USB Community वाले ही जाने क्योंकि सारा होल्ड तो इन्हीं के पास है। 

तो आपने USB के सारे Version को ठीक से जाना आशा करता हूं कि आपको अच्छे से समझ आ गया होगा।


USB Cable & USB Port Color Code 

इस Part में आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि USB के Color को लेकर यूजर अक्सर Confuse हो जाते है कि कौन सा Color क्या Represent करता है? या अलग-अलग Color Code का क्या मतलब होता है?

तो चलिए इस Part को भी अच्छे से समझते हैं-

जनरली USB Cable और USB Port 3 ही Color के सबसे ज्यादा आते हैं जिसमें (1) White (2) Black और (3) Blue ।

और इसमें भी आपको सबसे ज्यादा Black वाला ही देखने को मिलता है और उसके बाद Blue।

चलिए सबसे पहले Cable की बात करते हैं-

आपने प्रायः USB Cable Black, White, Blue, Red Yellow इत्यादि Color का देखा होगा। इनमें भी जो सबसे ज्यादा कलर देखने को मिलता है वो White, Black और Blue है।

चलिए बारी-बारी सबके बारे में जानते है-

ध्यान दें-यहां पर बात केवल Cable Connector की होगी पुरे Cable की नहीं क्योंकि बहुत सारे Cable Same Connector के Color के भी आते हैं। 


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Connector Point वो जो USB Female Port में Insert किया जाता है। उस Connector Point में एक Plastic Surface होता है जिस पर सारे Pins सेट रहते हैं। आपको Mainly उसी Plastic Surface के Color को ध्यान में  रखना है क्योंकि इसी से Confirm होता है कि Cable किस Generation या Version का है। 

यदि आपको इसकी बारीकी नहीं पता होगी तो आप Confusion में पड़ जायेंगे कुछ भी समझ नहीं पायेंगे। 


White Cable Connector

जब USB 1.0 आया था तब उसका Color ज्यादातर White होता था। 

White Color का Connector USB 1.0 एवं 1.1 Version / Generation को Represent करता था।

हालांकि ये काफी पूरानी बात हो गई है आज शायद ही किसी के पास USB 1.0 का कोई Device हो।


USB Black Connector Color 


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USB 2.0 जब Release किया गया था तो उसके Connector Point के Color को Change कर Black कर दिया गया था ताकि लोग 1.0/1.1 और 2.0 में फर्क समझ पायें।

जैसा कि आपको पहले भी बताया जा चुका है कि USB का ये एक ऐसा Version था जो सबसे ज्यादा यूज में रहा है और आज भी है। आप आसानी के साथ कही भी देख सकते हैं। हो सकता है कि जिस Keyboard, Mouse या Printer Cable या अन्य USB Cable को यूज कर रहे हो वो USB 2.0 ही हो। 

अब जैसा कि आपको पहले ही बताया गया है कि बहुत सारे Cable Same Connector Color के ही आते हैं जैसे-USB 2.0 Cable का Connector Black आता है लेकिन बहुत सारे Cable भी Connector के साथ-साथ पुरी तरह से Black आते हैं। और न केवल Cable बल्कि White भी आते हैं। आपने जरूर देखा और यूज किया होगा।

तो यहां पर White Cable है तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो USB 1.0 / 1.1 है। इसीलिए तो मैंने कहा था कि आपको Connector पर ध्यान देना है।


Blue Color Cable Connector 

USB Community ने जब अपना USB का 3.0 Version Release किया तब उन्होंने इसके Color को बाकी पुराने सभी से अलग दिखाने के लिए इसका Color Sky Blue मतलब Cyan Color का कर दिया ताकि Consumer आसानी से Difference समझ पायें। 


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यहां पर Color Change करने का मतलब USB के Next Version और पिछले वाले से काफी Advance और Fast होने को दर्शना है।

नोट-USB 3.0 Version में 3.1 3.2 Version भी आये हैं तो इसमें आपको लगभग-लगभग एक ही प्रकार का Cable Connector देखने को मिलेगा और वो Sky Blue ही होगा। 

हां, कहीं कहीं आपको Light Sky Blue देखने को मिल सकता है। तो ऐसे में आप कैसे पहचानेंगे कि कौन सा वाला कौन सा Version है। 

तो आपको पहले ही बताया जा चुका है कि आपको केवल 5 Gb/s, 10 Gb/s और 20 Gb/s का लोगो देखना है। 

USB Connector Sky Blue है तो वो Definitely 3.0 है लेकिन उसमें कौन सा है उसके लिए आपको बस लोगो को Consider करना है।

कुछ Cable Red, Yellow, Orange इत्यादि कलर के भी आते हैं तो यहां पर ये Cable Companies केवल अच्छा लगने Attractive लगने के लिए बनाती है। बस और कुछ खास नहीं होता है। 

अभी तक हमने USB के Cable Color को अच्छे से जाना की कौन Color क्या Represent करता है।

अब हम बात करेंगे USB Port के बारे में 


USB Female Port Color 

USB Female Port में भी आपको White, Black, Blue, Red, Yellow इत्यादि कलर देखने को मिल जाएंगे।


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White और Black Port Color USB 2.0 को रिप्रजेन्ट करते हैं।

उसी प्रकार पोर्ट का Color Blue हो तो वो USB 3.0 को Represent करता है।

लेकिन आपने इसके अलावा Red, Yellow इत्यादि कलर को भी देखा होगा। तो वो कलर क्या दर्शाते है? ऐसे Color Companies द्वारा क्यों दिये जाते हैं?

तो आपको बता दूं कि कोई External Device जिसकी Power Requirement Normal USB से कहीं ज्यादा होती है तो ऐसे वो Device वहां Connect करने पर Detect नहीं होता है।

जैसे - कोई Hard Drive है जिसका Power Demand Normal USB से ज्यादा है तो यदि आप उस Hard Disk को उस Port पर Connect करते हैं तो वो Detect ही नहीं होगा और जब Detect ही नहीं होगा तो वो काम ही नहीं करेगा। क्योंकि वो पोर्ट उस Particular Device को उतना Power ही Provide नहीं कर पा रहा है।

इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखकर Companies ने कुछ Port ऐसे बनाना शुरू कर दिये जो Normal USB Port से अलग होते हैं और Special Purpose के लिए बनाये गये होते हैं ताकि ज्यादा Power वाले Devices को वहां कनेक्ट किया जा सकें। 

हालांकि इस Special USB का Data Transfer Speed Same ही होता है। चाहे वो USB 2.0 हो या 3.0 हो। Speed में किसी प्रकार का कोई Improvement नहीं किया जाता है।

अब चुंकि ये Port Special Purpose के लिए डिजाइन किये गये होते हैं इसीलिए इनको अलग दिखाने के लिए उसका Color Change कर दिया जाता है। जैसे- Red, Yellow, Orange इत्यादि। 

कुछ Companies Red कर देती हैं तो कुछ Yellow और कुछ Orange। इससे यूजर देखने भर से ही समझ जाता है कि ऐसे पोर्ट का क्या मतलब होता है।

कैसे Confirm किया जाय कि वो Yellow या Red USB Port 2.0 है या 3.0।

इसके लिए आपको कम्पनी का User Manual पढ़ना पड़ेगा या कम्पनी की Official Website पर जाकर देखना होगा। तब कही जाकर आपको इस चीज का Confirmation होगा कि वो 2.0 है या 3.0 है। केवल Port देखकर कोई ये नहीं बता सकता है।

नोट-कुछ Companies ऐसी भी हैं जो इस तरह के USB Port केवल अच्छा लगने के लिए Consumer को Attract करने के लिए बना देती है। जबकि वो Port USB 2.0 या 3.0 ही होता है। क्योंकि ये कम्पनीज ‘‘जो दिखता है वही बिकता है’’ वाला Formula Use करती हैं।

इसीलिए मैंने कहा कि केवल Port देखकर कोई नहीं बता सकता कि वो USB वास्तव में High Power वाला है या बस Showpiece है। तो आप इसको Confirm करने के लिए एक बार जरूर Research करें। ताकि किसी भी प्रकार का Confusion मन में न रह जायें।


Conclusion 

इस पोस्ट में USB को लेकर हर एक Point को अच्छे से Deep Level पर समझाने की पूरी कोशिश की गई है। और उम्मीद करता हूं कि आपको सारी चीजे अच्छे से समझ आ गई होंगी। 

हां, Deeply समझाने के चक्कर में ये पोस्ट थोड़ा लम्बा जरूर हो गया है। लेकिन मेरा मानना है कि जानकारी अच्छी मिलनी चाहिए भले ही Article थोड़ा लम्बा क्यों न हो जाय।

आशा करता हूं कि USB के Regarding अब आपके मन में कोई दुविधा नहीं होगी। लेकिन फिर भी यदि कुछ समझें में परेशानी हो रही हो तो आर्टिकल को एक-दो बार पढ़िये हर एक प्वाइण्ट को अच्छे से समझिये आपके सारे Confusion निश्चित रूप से दूर हो जायेंगे।

यदि कोई Point छूट गया हो या कुछ बाकि रह गया हो तो Comment के माध्यम से हमें बताये।

इसके अलावा आपके मन में अभी भी कोई सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेण्ट करना ना भूलें।

इसी के साथ मैं शमीम अहमद आपसे विदा लेता हूं

मिलता हूं अगले पोस्ट में तब तक के लिए - Goodbye


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