what is overclocking in hindi


What is Overclocking in Hindi?

Overclocking क्या होता है?

दोस्तों, Overclocking एक ऐसा Topic है जिसको लेकर अधिकतर लोग भ्रम में रहते हैं। उनके बीच काफी Confusion बना रहता है। Specially बात बिगनर्स की जाय तो। हालांकि सभी के साथ ऐसा नहीं है। बहुत सारे बिगनर्स ऐसे भी होते हैं जिनको इसकी अच्छी नालेज होती है। 

लेकिन जिसको इसकी नालेज नहीं होती है वो तो बस यही समझता है कि बस एक क्लीक करना होता है और सिस्टम एकदम से Super Computer की तरह वर्क करने लगता है। 

तो ऐसे लोगों को मैं बता दूं कि ऐसा कुछ भी नहीं होता है। ये चीज करना इतना आसान नहीं है। इसके पीछे बहुत मेहनत करनी पड़ती है, बहुत समय देना होता है और सबसे बढ़ी चीज की आपको Patience बहुत रखना होता है।

Overclocking के बारे में सोचने से लेकर करने तक बहुत सारी प्रकियाएं होती हैं जिन्हें बहुत ही बारीकी से समझना पड़ता है। और फिर सभी स्टेप्स को बारी-बारी फालो करना होता है। नहीं तो परेशान होना और अपना नुकसान करना तय है।

तो वो कौन-कौन सी चीजें हैं जिन्हें हमें अच्छे से जानना व समझना चाहिए ताकि हम एक Safe Overclocking कर सकें। 

तो चलिए विस्तार से समझते हैं-

Overclocking 

Overclocking में 2 Word से मिलकर बना है Over + Clocking

अब जैसा कि आप जानते हैं कि Over Word के कई मतलब होते हैं लेकिन यहाँ Over का मतलब सीधे तौर पर ‘ज्यादा’ से है। और Clock का मतलब ‘Frequency’ से है।

तो यदि Overclocking को एक लाईन में समझा जाय तो इसका मतलब हुआ कि किसी CPU को उसके निर्धारित स्पीड जो कि कम्पनी द्वारा सेट करके दिया गया है उससे भी आगे ले जाना ‘Overclocking’ कहलाता है।

What is the purpose of Overclocking a CPU? 

Overclocking क्यों किया जाता है?

Obvious सी बात है पहले से भी ज्यादा स्पीड पाने के लिए। क्योंकि आज के समय में हर व्यक्ति अपना काम फास्ट करना या करवाना चाहता है। कोई भी नहीं चाहता है कि उसके काम में अधिक समय लगे। बल्कि वो तो ये चाहता है कि उसका काम उससे भी आधे समय में हो जाय। तो निश्चितरूप से Overclocking ज्यादा स्पीड पाने के लिए किया जाता है।

जैसे-मान लेते हैं कि कोई 3 Ghz का Processor है जिसे Overclock करके 4 Ghz का कर दिया जाय तो जाहिर सी बात है कि वो 3 Ghz वाले Processor से ज्यादा तेज काम करेगा।

यदि आपको नहीं पता है कि CPU Frequency, Clock Speed, Clock Rate, Hertz इत्यादि क्या होता है तो सबसे पहले आप इन चीजों के बारे में जान लें ताकि इस पार्टीकुलर पोस्ट को समझने में आपको और भी आसानी हो।

CPU-Frequency-Clock-Rate-Clock-Speed-Clock-Cycle-Hertz-in-Hindi

How Overclocking Works? Overclocking कैसे काम करता है?

देखिए, एक CPU को Overclock करना मतलब उसकी Frequency को बढ़ाना होता है। और Frequency को बढ़ाना मतलब उस CPU के पावर को बढ़ाना होता है। तो जब किसी CPU की Frequency यानि Power को बढ़ाया जाता है तो वो CPU किसी काम को करने में पहले की अपेक्षा और कम समय लगाता है। और इसीलिए कोई काम पहले की अपेक्षा कम समय में होने लगता है।

जैसे-एक 2.5 Ghz का Processor है जिसके Frequency को बढ़ाकर 3.0 या 3.5 कर दिया जाय तो जाहिर सी बात है कि वो पहले वाले 2.5 की अपेक्षा तेजी से वर्क करेगा।

नोट- Overclocking करने से जहां एक ओर Speed बढ़ती है वहीं दूसरी तरफ Power Consumption और Heat भी बढ़ती है। जिसके बारे में हम आगे बात करते हैं।

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किन-किन चीजों को हम Overclocking कर सकते है?

हर उस पार्टीकुलर चीज को हम Overclocking कर सकते हैं जिसमें एक Processor का यूज किया गया हो। जैसे-CPU, GPU, Laptop, Mobile इत्यादि।


जैसा कि आप जानते हैं कि मार्केट में 2 ही Company है जो Laptop और Desktop के लिए CPU बनाती हैं- 

Intel और AMD

और ऐसा ही कुछ हाल GPU का भी है। इसमें भी Laptop और Desktop के लिए 2 ही Company GPU बनाती हैं Nvidia और AMD

ध्यान दें- GPU की बात हो रही है Graphics Card की नहीं। क्योंकि दोनों में बहुत फर्क होता है।

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Intel और AMD वैसे तो बहुत प्रकार के CPUs को बनाती हैं लेकिन हम Overclocking से सम्बन्धित CPU की बात करेंगे।

Intel और AMD Desktop और Laptop के लिए 2 प्रकार के CPU बनाती है जिसमें एक Lock होता है और दूसरा Unlock

Lock CPU

देखिए, यहां पर Lock शब्द का यूज इसलिए किया गया है क्योंकि इसका कहीं न कहीं लेना-देना ताला बंद से ही है। लेकिन ये वो ताला नहीं है जो जनरली हम अपने घरो इत्यादि में यूज करते हैं। 

यहां पर Lock का मतलब ये है कि उस CPU में Company द्वारा ही कुछ Setting वगैरह को Block कर दिया जाता है ताकि यूजर उसमें किसी प्रकार का छेड़छाड़ न कर पायेें। छेड़छाड़ मतलब जबरदस्ती की Overclocking।

क्योंकि Lock CPU को भी Overclock किया जाता है। और इसीलिए कम्पनी इस चीज को करने से मना करती है कि किसी Lock CPU को Overclock न करें। उसमें किसी भी प्रकार का छेड़छाड़ न करें। 

क्योंकि ऐसा कुछ करने से यदि CPU खराब हो जाता है तो आपकी सारी गारण्टी-वारण्टी खत्म। इस कंडीशन में कम्पनी किसी भी प्रकार का कोई क्लेम नहीं लेगी।

लेकिन लोग इसे फिर भी करते हैं गारण्टी-वारण्टी खत्म हो जाने के बाद करते हैं। अब कैसे करते हैं किन तरीकों से करते हैं इन चीजों को हम आगे जानेंगे। अभी हम Lock और Unlock को क्लीयर कर लेते हैं।

Unlock CPU

Intel और AMD  Overclocking को सपोर्ट करने के लिए एक अलग प्रकार का CPU बनाती हैं जो कि पूरी तरह से Unlock CPU होता है और Overclocking को सपोर्ट करने के परपज से ही बनाया जाता है। इस CPU को आप अपने अनुसार Overclocking कर सकते हैं लेकिन सभी नियमों को फालो करते हुए।

जनरली दोनों ही कम्पनीज अपने Unlock CPU के पहचान हेतु एक Code अंकित करती हैं।

जैसे- Intel अपने Unlock CPU को दर्शाने के लिए 'K' Letter का यूज करता है। जैसे- Intel Core i-9 10900K, Intel Core i-7 10700K, Intel Core i-5 10600K इत्यादि। तो जो लास्ट में  K अक्षर आ रहा है यही एक Unlock CPU की पहचान होती है।

उसी प्रकार AMD भी अपने Unlock CPU को दर्शाने के लिए 'X' अक्षर का यूज करता है। जो एक Unlock CPU की पहचान होती है।

तो आपको Lock और Unlock CPU के बीच का फर्क समझ आ गया होगा।

Overclocking के Terms & Condition

Overclocking करने से पहले हमें कुछ जरूरी बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए।

Cooling Solution 

जैसा कि आपको शुरू में ही बताया गया कि किसी CPU को Overclock करना मतलब उसकी Frequency को बढ़ाना होता है। और Frequency बढ़ाना मतलब उस CPU को पहले की अपेक्षा ज्यादा Power देना होता है। तो ऐसे में वो CPU पहले की अपेक्षा ज्यादा Power Consume करते हुए तेजी से वर्क करने लगता है।

लेकिन Speed और Power Consumption के साथ-साथ एक और चीज भी बढ़ती है वो है Heat। आपका CPU जितना तेजी से वर्क करेगा उतना ही तेजी से Heat भी जनरेट करेगा।

इसलिए यदि आप किसी CPU को Overclock करते हैं या करने वाले हैं तो सबसे पहले आपको एक अच्छा Cooling Kit का इंतजाम करना पड़ेगा। 

क्योंकि Overclock करने के बाद आपका CPU पहले की अपेक्षा ज्यादा गर्म होगा जिसे कम्पनी द्वारा दिया गया Stock Cooler हैण्डल नहीं कर पायेगा। क्योंकि वो Fan कम्पनी द्वारा सेट Frequency के Temperature को हैण्डल करने के लिए बनाया गया होता है। 

तो यदि आप Cooling का बेहतर इंतजाम नहीं करते हैं तो आप एक Proper Overclocking को नहीं कर सकते हैं। 

Cooling Solution कई प्रकार के होते हैं जैसे- Heavy Cooling Fan, Liquid Cooling, Nitrogen Cooling इत्यादि।

ये सभी चीजें अलग-अलग Overclocking के उपर डिपेण्ड करती हैं कि आप किस प्रकार का Overclocking करने वाले हैं। उसी के अनुसार ये चीजें लागू होंगी।

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Power Supply Unit (SMPS)

यदि आप Overclocking करते हैं तो इसमें Second Important Roll आपका PSU निभाता है। क्योंकि Overclocking का असर सीधे तौर पर आपके Power Supply पर पड़ता है। इसलिए आपको अपना Power Supply Unit अवश्य चेक करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपका Power Supply Unit कितना Powerful है। पुरे System को Power Supply देने के बाद उसके पास कितना Wattage बच रहा है। और जो Wattage बच रहा है क्या वो उस लोड को हैण्डल कर पायेगा। क्योंकि आपके PSU को एक Accurate Amount में Continue Power चाहिए होता है।

Overclocking के बाद आपका PSU अक्सर उस बढ़ाये गये Frequency का Double Triple Power Consume करने लगता है। हालांकि ये चीजें डिपेण्ड करती हैं कि PSU कौन सा है उसमें लगा Chip, Transistor इत्यादि कौन-सा है। 

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Power Supply Unit के बारे में कुछ आर्टिकल हमारे पास पहले से ही हैं जिसे आपको जरूर देखना चाहिए ताकि आपको Power Supply Unit से सम्बन्धित हर एक Doubt Clear हो जाए।

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Overclocking कितने तरीकों से किया जाता है?

Overclocking Mainly 2 तरीकों से किया जाता है। 

1 Automatic Overclocking

2 Manual Overclocking 

Automatic Overclocking

आज के समय में लगभग हर Motherboard Company अपने Motherboard में Overclocking की सुविधा देती है। भले ही वो Automatic ही क्यों न हो। क्योंकि आज का हर यूजर अपने सिस्टम से High Performance चाहता है भले ही उसका काम उस लेवल का न हो। भले ही वो उस Overclocking का कोई फायदा न उठा पाये। लेकिन फिर भी करेगा या करना चाहेगा। 

इन्हीं चीजों के मद्देनजर कम्पनीज भी अपने कंज्यूमर को कुछ अतिरिक्त सुविधाएं दे देती हैं जिसकी मदद से उनका यूजर जिसको थोडी बहुत भी नालेज हो वो Overclocking कर पाये। 

Automatic Overclocking में आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। बस थोड़ी बहुत सेटिंग और बाकी सब Automatic। 

Automatic Overclocking आप Lock और Unlock दोनों प्रकार के CPUs में कर सकते हैं। 

Automatic Overclocking करने के लिए कुछ Tools Company द्वारा दिये जाते हैं जिसकी मदद से आप Automatic Overclocking कर सकते है। 

जैसे- Utility Tools की मदद सेऔर Motherboard पर दिये गये एक खास बटन की मदद से।

Utility Tools

जब भी आप एक Motherboard Purchase करते हैं तो Motherboard के साथ आपको एक DVD भी मिलती है। उस DVD में आपको सारे Necessary Drivers दिये जाते हैं। जब आप उस DVD को ओपन करते हैं तो आपको ढ़ेर सारी चीजें देखने को मिलती है। उसी में एक Utility नाम का भी फोल्डर होता है। जिसमें ये Tools होता है। 

यदि आपके पास Motherboard की DVD नहीं है तो आप उस Motherboard Company के Site से भी उस Tools Download कर सकते हैं।

ध्यान दें- हर Motherboard Company अपने Tools का नाम अगल-अलग रखती है। Gigabyte वाले अलग नाम रखते है, MSI वाले अलग नाम रखते हैं, Asus वाले अलग नाम रखते हैं।

अब जैसे मेरे पास Gigabyte का Motherboard है इसलिए मैं अपने Motherboard का Example लेकर चलुंगा। तो Gigabyte वाले जो Tools Automatic Overclocking के लिए देते हैं उसका नाम 'EasyTune' है।

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यदि आप किसी और कम्पनी का मदरबोर्ड यूज करते हैं तो आप उस Utility Tool के बारे में जरूर पता करें। 

तो जब आप Gigabyte के द्वारा दिये गये Utility Tools का Folder Open करते हैं तो आपको उसमें एक और चीज भी देखने की मिलता है जो कि App Center होता है। तो आपको सबसे पहले इसी को Install करना होता है। फिर बाद में EasyTune को। 

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जब ये Install हो जाता है तो दाहिनी ओर साईड में एक ऑप्शन दिखता है जिसमें सबसे उपर Gigabyte लिखा होता है और उसके नीचे 2 ऑप्शन दिखता है पहला EasyTune का, दूसरा Live Update का। 

सिम्पली आपको EasyTune वाले पर क्लीक कर देना है। अब आपके सामने एक New Window Open होकर आयेगी जिसमें आपको ढ़ेर सारे ऑप्शन दिखेंगे। उसी में एक ऑप्शन आपको Auto Tune का भी दिखेगा। बस आपको सिम्पली इसी पर क्लीक कर देना है। ये ऑप्शन आपके सिस्टम के हिसाब से Overclocking को एक सेफ लिमिट तक ले जायेगा जहां पर आपका सिस्टम Stable रहे, Safe रहे। और Perfectly Work करता हो। क्योंकि आप इसमें कुछ भी Extra Add नहीं कर रहे हैं। सभी चीजें वहीं है जो पहले से थी। 

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इसके अलावा भी बहुत सारे ऑप्शन्स होते है जैसे- Light, Medium, Extreme । तो जब आप Overclocking कर रहे हैं तो Light या Medium तो करेंगे नहीं सीधे आप Extreme वाले पर क्लीक करेंगे। इसलिए हो सकता है कि Extreme वाला आपके सिस्टम से मैच न करें। या फिर कर भी जाय तो Stability का Issue आना शुरू हो जाय और बाद में आप परेशान हो जाय। इसलिए यदि आप बाकी Options को Try करना चाहते हैं तो करने से पहले रिसर्च जरूर कर लें। 

इसके अलावा उसमें एक Default का भी ऑप्शन होता है वो इसलिए कि जैसे आपने सभी Setting से काफी छेड़छाड़ कर दी है। और अब Issues आने लगा है तो उस Default वाले पर क्लीक करके पहले जैसी Setting पा सकते हैं। 

इसके अलावा Automatic Overclocking के लिए कुछ High-end Gaming Motherboard पर एक खास प्रकार का बटन दिया जाता है जिसे Push करना होता है और इसके बाद सिस्टम रिस्टार्ट होता है और आपका CPU Overclock हो जाता है। लेकिन ये बटन बहुत ही महंगे मदरबोर्ड पर आता है 20-25 हजार वाले मदरबोर्ड पर। ऐसे नार्मल मदरबोर्ड पर ये नहीं दिया जाता है। तो ये थी Automatic Overclocking

Manual Overclocking 

Automatic Overclocking का उतना फर्क देखने को नहीं मिलता है इसीलिए तो लोग Manual Overclocking करते हैं ताकि उनको एक बेहतर रिजल्ट मिलें।

Manual Overclocking में किसी Tools का यूज नहीं किया जाता है। इसमें सब कुछ खुद से सेट करना होता है। क्योंकि Manual Overclocking पुरी तरह से Bios से किया जाता हैै। Manual Overclocking आप तभी कर सकते हैं जब आपको Bios और साथ ही साथ Manual Overclocking की अच्छी नालेज हो। 

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क्योंकि Manual Overclocking Automatic Overclocking की अपेक्षा Typical होता है। इसमें बहुत सारी Setting Bios में करनी पड़ती है।

Manual Overclocking भी Lock और Unlock दोनों प्रकार के CPUs में किया जा सकता है। लेकिन दोनों को करने का तरीका एक दूसरे से अलग होता है। 

Lock CPUs में Companies उसके Multiplier को Fix कर Lock कर देती है। जिस कारण से आप उसके Multiplier में कोई Changing नहीं कर सकते हैं। इसलिए इसमें Base Clock को बढ़ाकर Overclocking किया जाता है।

वहीं Unlock CPUs में Multiplier को Companies द्वारा Unlock रखा जाता है ताकि आप अपने अनुसार Overclock कर सकें।

चलिए सबसे पहले जानते हैं कि Lock CPU को कैसे Overclock किया जाता है?

CPU Lock हो या Unlock हो लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जो Same दोनों पर अप्लाई होती हैं। जैसे- जब आप Manual Overclocking करते हैं तो BIOS में जाकर आपको बहुत सारे Setting को Auto से हटाकर Manual पर करना पड़ता है। तो ये Setting आपको दोनों में ही करना पड़ता है।

अब चुंकि Lock CPU की बात हो रही है। तो इसमें आपको Base Clock को बढ़ाना होता है।

जैसे- यदि कोई CPU 3.1 Ghz का है तो आपको छोटे-छोटे Steps के साथ आगे बढ़ना होगा।

जैसे- उसके Base Clock में .1, .2 करके धीरे-धीरे आगे बढ़ना होगा। हर बार सिस्टम Restart होगा और हर बार आपको Stability Test, Stress Test इत्यादि करना होगा।

और ऐसे ही करते-करते आपको अपने CPU को वहां तक ले जाना होगा जहां पर आपका CPU Perfectly Work करता हो, किसी प्रकार का कोई Issue न आता हो। 

एक Lock CPU के Clock को आप बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा सकते हैं। जैसे- 2.8 Ghz का CPU है तो आप उसे 3.3 या उससे थोड़ा सा ज्यादा बढ़ा सकते हैं ऐसा नहीं है कि आप उसे 2.8 से 4.8 या उससे भी ज्यादा का कर देंगे। नहीं तो ऐसा होगा कि Performance से ज्यादा बीना मतलब का Power Consumption और Heat जरूर बढ़ जाएगा।  

एक Unlock CPU में उसका Multiplier Unlock होता है इसलिए इसको Overclock करना Lock वाले से Easy होता है। 

एक Unlock CPU में Multiplier को बढ़ाया जाता है। जैसे- 2.8 Ghz का CPU है तो उसको आप एक ही बार में 3-4-5 Point तक एक ही बार में बढ़ा सकते हैं फिर Stability और Stress Test कीजिए। सब कुछ ठीक हो तो फिर उसे और आगे ले जाईये यानि जहां पर आपका CPU ठीक से वर्क करता हो वहां पर उसे छोड़ दीजिए।

Stability Check करने के लिए आपको बहुत सारे Tools मिल जाते है जैसे- AIDA64, Prime95 इत्यादि।

ध्यान दें- Stability Test या Stress Test कोई 1 या 2 मिनट का काम नहीं है। इसको चेक करने में घण्टों लग जाते हैं। यहां तक की पुरा-पुरा दिन निकल जाता है। फिर भी नहीं हो पाता है। और ऐसे में बहुत Irritation होता है। लोग Frustrate होकर इसे छोड़ देते हैं। इसीलिए शुरू में ही कहा गया कि Overclocking करने में बहुत Patience की जरूरत होती है।

Remember जैसे-जैसे आप Frequency बढ़ाते जायेंगे वैसे-वैसे Power Consumption और Heat भी बढ़ता जाएगा। इसलिए एक अच्छा Cooling Solution और एक अच्छा PSU का यूज जरूर करें।

वास्तविकता / Reality -

Overclocking का Benefit आपको तब तक देखने को नहीं मिलता है जब तक की आपका काम उस प्रकार का ना हो। एक नार्मल यूजर जिसका काम MS Word, Excel, Power Point, Net Surfing, Movie, Song इत्यादि का हो तो वो यूजर Overclocking का कोई फायदा नहीं उठा सकता है। 

Overclocking की बात तो छोड़ो वो अपने Normal CPU का ही यूज पूरी तरह से नहीं कर पायेगा।

Overclocking उस यूजर के लिए होता है जिसका काम बहुत Heavy हो जैसे- Heavy Gaming, Video Editing, Image Editing, Audio-Video Editing, Animation, 3D Modeling इत्यादि। इस प्रकार के यूजर सही में उस Overclocking का पुरा Benefit उठा पायेगें। क्योंकि ये वर्क बहुत ही हैवी होते हैं इसलिए जितना हो इनके लिए कम ही रहेगा।

Automatic V/s Manual Overclocking -

सही देखा जाय तो Automatic Overclocking का कोई खास फर्क देखने को नहीं मिलता है। क्योंकि आप वहां पर कुछ भी Extra Add नहीं कर रहे है। इसलिए Utility Tool बस उतना तक ही जाता है जहां पर कोई दिक्कत न हो। इसीलिए ये Overclocking उंठ के मुंह में जीरे के समान होता है।

Manual Overclocking में निश्चितरूप से फर्क देखने को मिलता है लेकिन ये वाला ऑप्शन बड़ा खर्चेलू होता है। क्योंकि ज्यादा Frequency तक जाने पर आपको अलग से Cooling Solution, Power Supply इत्यादि की व्यवस्था करनी पड़ती है।

लेकिन फिर से वहीं कहुंगा कि नार्मल यूजर इसका कोई फायदा नहीं उठा सकता है इसका फायदा हैवी यूजर ही उठा सकता है। 

लेकिन फिर भी लोग इसे करते हैं भले ही उन्हें इसका फायदा न हो। अब चूँकि लोग इसे करते हैं इसीलिए Companies भी इस सुविधा को देती हैं। और जैसा कि आप जानते कि आज जमाना High Competition का है तो ऐसे में यदि एक कम्पनी ये सुविधा दे और दूसरी कम्पनी न दे तो इसका क्या दुस्प्रभाव पड़ेगा ये आप अच्छे तरह से समझ सकते हैं। तो ऐसे में कौन भला अपना घाटा कराना चाहेगा। 

इसीलिए हर Motherboard Companies अपने Budget Range में भी अच्छी Facilities Provide करने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि उनका Consumer खुश रहे।

Quick Question Answer 

Is is good to Overclock your CPU? Is Overclocking safe?

निश्चितरूप से Overclocking एक अच्छी चीज है। क्योंकि इसको करने से आपको पहले से कहीं ज्यादा High Performance मिलने लगता है। आपका वर्क पहले की अपेक्षा तेजी के साथ होने लगता है। और आप Heavy से Heavy Work आसानी के साथ कर पाते हैं।

Is Overclocking bad? Does Overclocking damage your CPU?

निश्चितरूप से यदि Overclocking को ठीक से न किया जाय। सभी चीजों को अच्छे से न समझा जाय। तो नुकसान होना तय है। हालांकि आज के Modern CPU Burn नहीं होते हैं। क्योंकि इससे पहले ही वो अपने आपको Shut Down कर लेते हैं। लेकिन हो सकता है कि इसका असर आपके CPU के अलावा किसी अन्य Component पर पड़े और वो Damage हो जाय। इसलिए पहले पूरी जानकारी कर लें। फिर Overclocking करें।

Should I Overclock my CPU?

देखिए, इस प्रश्न का उत्तर पूरी तरह से आपके उपर डिपेण्ड करता है कि आपको Overclocking क्यों करनी है। क्या वाकई में आपको इसकी जरूरत है। इन सभी चीजों को क्लियर करना बहुत ही जरुरी है।

क्योंकि बहुत सारे लोग केवल Experiment के Purpose से करते हैं वो देखना चाहते हैं कि वो अपने CPU को कितना Overclock कर सकते हैं। भले ही वो बाद में उस CPU को वापस उसके Stock Frequency पर ले आयें 

वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो शौक के लिए अपने CPU को Overclock करते हैं उन्हें बस शो ऑफ करना होता है भले ही इसके लिए उन्हें Extra खर्च करना पड़े।

तो सबसे पहले आप समझ लें कि आपको काम करने के परपज से करना है या Experiment के परपज से करना है या केवल शौक के लिए करना है बस उस Overclocked Frequency के नम्बर को देखकर खुश होना है।

Show Choice is yours

नोट-बहुत सारे Motherboard Overclocking को Support नहीं करते हैं, वही बहुत पुराना Motherboard हो या उसका Bios इत्यादि बहुत पुराना हो तो वो Overclocking को सपोर्ट नहीं करते हैं।

Conclusion

Overclocking से सम्बन्धित लगभग हर एक Point को हमनें अच्छे से समझा और मुझे आशा है कि सभी चीजें आपको अच्छे से समझ आ गई होगी।

अब हम अपनी बात एक उदाहरण से खत्म करते हैं। 

एक Computer User है जो अपने एक i-5 CPU को Overclock करना चाहता है जिसके लिए वो एक अच्छा PSU, अच्छा Cooling Kit इत्यादि में इन्वेस्ट करता है। उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि उसका CPU 2.8 Ghz का है। अब वो उसे 3.8 या उससे भी ज्यादा का करना चाहता है। और मान लेते हैं कि उसने कर भी लिया।

लेकिन उसका System Stable नहीं है बार-बार कुछ न कुछ परेशानी आ रही है। तो आप बताईये ऐसे Overclocking का कोई मतलब है। क्या उसे ऐसा करना चाहिए। 

एक तो उसने एक अच्छा PSU और Cooling Kit परचेज किया। जिसकी कीमत देखी जाय तो अराउण्ड 10K के बराबर जायेगा। और उपर से Power Consumption भी दोगुना हो गया। 

क्या फायदा हुआ। इससे तो अच्छा होता कि थोड़े पैसे और डालकर एक अच्छा i-7 Processor प्रोसेसर ही ले लेता। अच्छा Performance भी मिलता और इन बेकार के लफड़ो से बाज आता।

तो Overclocking करने से पहले ये भी जरूर देखें कि कहीं ये Overclocking आपको Price to Performance महंगा तो नहीं पड़ रहा है। 

I Hope सभी चीजें आपको समझ आ गई होंगी। लेकिन फिर यदि कुछ रह गया हो तो नीचे कमेण्ट करके जरूर बताये।

और यदि आपके पास कोई सवाल या सुझाव हो तो हमारे साथ शेयर जरूर करें।

मिलता हूँ आपसे अगल पोस्ट में तब तक के लिए गुड बाय।


1 Comments

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  1. बहुत अच्छी तरह सरल भाषा में explain किया आपने thank you!

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