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What is Chipset? चीपसेट क्या होता है?

दोस्तों, जब भी एक यूजर अपना कम्प्यूटर बिल्ट करता है या करने वाला होता है तो वो हर चीज अपने Budget Range में Best चुनने की कोशिश करता है। जैसे-अच्छा Motherboard, अच्छा Processor, अच्छा Ram, अच्छा Graphics Card, अच्छा Monitor इत्यादि। और इसके पहले वो उन तमाम चीजों पर थोड़ा बहुत रिसर्च भी करता है। तब जाकर कहीं वो अपना सिस्टम बिल्ट करता है।

लेकिन... इन सभी चीजों के बीच वो एक महत्वपूर्ण चीज को बिल्कुल ही भूल जाता है या यूं कहें कि ये चीज उसके दिमाग में ही नहीं आती जो कि है Chipset

अब चुंकि वो एक नया यूजर होता है इस कारण से उसे इस Chipset के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होती है। लेकिन वहीं बात हम ऐसे यूजर्य की करें जो कि लम्बे समय से कम्प्यूटर यूज कर रहे होते हैं उन्हें भी इस Chipset का कोई आइडिया नहीं होता है। 

हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि किसी को भी इसका आइडिया नहीं होता है। बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जिनको इसका अच्छा आइडिया होता है। लेकिन ऐसे लोग आपको कम ही देखने को मिलेंगे।

अब ऐसा क्यों होता है कि ज्यादातर लोग इस Chipset के बारे में नहीं जानते हैं या उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती है? 

तो इसका एक बड़ा कारण है Chipset का बाकी Component की तरह उतना Popular न होना। जी हां, इसका मेन रिजन यही है। क्योंकि बाकी Components तो अपने आप में ही काफी Popular होते हैं जैसे- Ram, Processor, Motherboard, Graphics Card इत्यादि। इन सबके बारे में हर एक यूजर जानता है चाहे वो कितना भी नया क्यों न हो। लेकिन जब बात Chipset की आती है तो ... 😒😒😕😕

अच्छा एक चीज और भी देखने को मिलता है वो ये कि पूरा सिस्टम खरीदने से लेकर सेट करने तक कोई भी इस Chipset की बात नहीं करता है चाहे वो दुकानदार हो या सिस्टम बिल्ट/असेम्बल करने वाला व्यक्ति हो। तो ऐसे में भला नये यूजर इसके बारे में कैसे जान पायेंगे। तो मेरे हिसाब से ये कुछ चीजे हैं जिनके कारण लोग इस Chipset के बारे में नहीं जान पाते हैं।

यदि आप भी इन्हीं सवालों के जवाब जानना चाहते हैं तो बने रहिये इस पोस्ट के साथ क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम विस्तार से जानने वाले हैं कि Chipset क्या होता है? किसलिए होता है? कहां होता है? और एक कम्प्यूटर में इसका क्या रोल होता है?

तो चलिए शुरू करते हैं-

What is Chipset? What is the use of a Chipset in a Computer? 

चिपसेट क्या होता है? और एक कंप्यूटर सिस्टम में इसका क्या यूज है?  

Chipset एक Integrated Circuit IC Chip होता है जो कि Processor की ही तरह Processor के साथ वर्क करने के लिए डिजाइन जाता है लेकिन इसका काम Processor की तरह Process करना नहीं होता है। बल्कि इसका काम आपके कम्प्यूटर के समस्त Connected Devices के बीच Data Flow को Manage करना होता है। 

यानि आपके पूरे Computer System में जो भी Data Flow हो रहा होता है CPU से Ram, Ram से Hard Disk, इधर से उधर, यहां से वहां उन समस्त डाटा को ये Chipset ही मैनेज करने का काम करता है। 

यानि Chipset के द्वारा ही हर एक डाटा की पहचान की जाती है और यहीं से उसे उसके सही स्थान पर राउट किया जाता है। तो इस प्रकार जो भी Communication होता है वो Through This Chipset ही होता है।

तो अब आप समझ गए होंगे कि Chipset क्या होता है और इसका क्या काम है। आगे इसके बारे में हम और भी डिटेल में जानेंगे ताकि आपको चीजें और भी क्लीयर हो।

Chipset कहां होता है?

अधिकतर लोगों को ये जानकारी नहीं होती है कि ये Chipset होता कहां है। देखिए, आपके Motherboard पर बहुत सारे Chips होते है लेकिन उन सभी में जो सबसे बड़ा Chip होता है और एक बड़े Heatsink से Cover होता है। वही आपके Motherboard का Chipset होता है। लोग इसे इसलिए भी नहीं पहचान पाते हैं क्योंकि ये एक बड़े Heatsink से ढका (Covered) होता है। 

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Chipset Motherboard के Size और Company के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर Place की जाती है।

ध्यान दें- पुराने Motherboard पर Chipset नहीं हुआ करते थे वहां पर Northbridge और Southbridge हुआ करता था। लेकिन अभी के Modern Motherboard पर आपको ये Northbridge और Southbridge जैसा कुछ भी देखने को नहीं मिलेगा। क्योंकि Chipset ने इन्हें Replace कर दिया है।

Chipset Design करने की जरूरत क्यों पड़ी?

दरअसल, पहले के Motherboard पर जब Northbridge और Southbridge आया करता था तब इस Northbridge से Ram और PCI-e के Slots Direct Connect होते थे। और बाकी सारी चीजें Southbridge से Connect होती थी।

तो जब भी कोई Data Ram से Processor तक जाना होता था तो वो Director Processor तक न जाकर पहले Northbridge में जाता था फिर Processor में उसी प्रकार PCI-e का भी Data पहले Northbridge में जाता था फिर Processor में। तो ऐसे में Data एक जगह से दूसरी जगह तक Travel करने में टाइम लेता था। यानि Date Flow / Transmission में Latency बढ़ती थी। 

इन्हीं कमियों को दूर करने हेतु इंजीनियर्स ने Northbridge के Chip को Direct Processor में ही समाहित कर दिया इससे हुआ ये कि अब Ram और PCI-e सीधे-सीधे तौर पर Processor से Connect हो गये यानि अब जो भी Data Transmission होगा वो Direct होगा। जिस कारण से Latency भी काफी कम हो गई और Speed भी बढ़ गई। 

कौन कौन-सी कम्पनी Chipset बनाती है?

जनरली Chipset को Design करने का काम Processor बनाने वाली कम्पनी ही करती है। और Computer, Laptop के Processor बनाने का काम 2 ही कम्पनी करती है। Intel और AMD 

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Intel अपने Processor के साथ वर्क करने के लिए अपना Chipset खुद डिजाइन करती है। और उसी प्रकार AMD भी अपने Processor के साथ वर्क करने के लिए अपना Chipset खुद तैयार करती है।

इन दोनों के अलावा और भी बहुत सी कम्पनीज है जो Chipset बनाती है। जैसे- Gigabyte, AsRock, MSI, Asus etc. लेकिन यहां पर हम केवल इन्हीं दोनों की बात करेंगे।

Intel Processor को सपोर्ट करने वाले मदरबोर्ड पर आपको Intel के ही Chipset देखने को मिलेंगे। भले ही Motherboard किसी भी कम्पनी का हो।

उसी प्रकार AMD Processor को सपोर्ट करने वाले Motherboard पर आपको AMD के ही Chipset देखने को मिलेगा। 

लेकिन इन दोनों का Tie-up और भी दूसरी कम्पनीज के साथ भी होता है तो ऐसे में कुछ Motherboard पर आपको Third Party के Chipset भी देखने को मिल सकते हैं ।

अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता है कि आप AMD Chipset वाले Motherboard पर Intel का Processor लगाने की कोशिश करें। और Intel Chipset वाले Motherboard पर AMD का Processor लगाने की कोशिश करें। क्योंकि ऐसा कभी होगा ही नहीं। Intel के साथ Intel Chipset और AMD के साथ AMD Chipset।

नोट- Intel Processor Supported Motherboard पर आपको एक ही Chipset देखने को मिलता है। वहीं AMD Supported कुछ एक या दो Generation पुराने Motherboard पर आपको 2 चिपसेट भी देखने को मिल सकते हैं। ये AMD का एक अलग Identification या Unification है। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं है कि AMD के सभी Motherboards पर आपको 2 Chipsets देखने को मिले ही।

अब आप सोच रहे होंगे कि क्या Chipset का बस इतना ही काम है? एक कम्प्यूटर सिस्टम में बस इसका इतना ही रोल होता हैै? 

तो इसका जवाब है नहीं, बिल्कुल भी नहीं। क्योंकि इसका मेन काम तो अभी जानना बाकी है।

तो चलिए जानते हैं-

देखिये, Intel और AMD जब भी कभी अपने नये Generation के Processor को लांच करती हैं तो वो उसके साथ-साथ कई Chipsets भी लांच करती हैं। जैसे-

Entry Level Chipset - (Budget Range)

Main Stream Level Chipset - (Mid Range)

Enthusiast Level Chipset - (High-end Range)

अब ये तीनों क्या हैं? चलिए फटाफट से जान लेते हैं।

Entry Level Chipset - (Budget Range)

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है कि एकदम नार्मल यूजर बनाया गया होता है जिसका काम बहुत ही कम और नार्मल हो जैसे-MS Word, Excel, Power Point, Playing Song, Watching Video, Net Surfing इत्यादि।

Main Stream Level Chipset - (Mid Range)

Main Stream Category में वो यूजर आते हैं जो नार्मल यूजर से थोड़ा ऊपर होते हैं जिनका काम न तो बहुत हैवी होता है और न ही बहुत ही नार्मल। यानि वो अपने सिस्टम से नार्मल और हैवी दोनों प्रकार के काम को बड़े ही आसानी के साथ कर सकते हैं। ध्यान दें-यहां पर हैवी वर्क का मतलब Main Stream Level के वर्क से है न कि Extreme Level के वर्क से।

Enthusiast Level Chipset - (High-end Range)

Enthusiast Category यानि Extreme User जिनका काम बहुत High Level का हो। जैसे- Heavy Editing, Audio-Video Mixing, Rendering, 3D Gaming, Animation, 3-5 Modeling, Work Station Level Work इत्यादि। ये चीजें काफी हैवी होती हैं। 

ध्यान दें-इनमें से बहुत सारे वर्क Main Stream Category वाले से भी किया जा सकता है लेकिन सभी नहीं। 

अब सबसे जरूरी बात-

अभी तक हमनें जाना कि Chipset हमारे System के समस्त Data को Manage करने का काम करता है। लेकिन अब हम जानेंगे कि Chipset एक कम्प्यूटर सिस्टम में क्या रोल अदा करता है।

दरअसल, एक Chipset ही ये तय करता है कि आपको आपके सिस्टम में क्या-क्या चीजें मिलेंगी, कैसे मिलेंगी, कितने एमाउण्ट में मिलेंगी इत्यादि।

जैसे-कितने USB Ports मिलेंगे, कितने Sata Ports मिलेंगे, कितने PCI-e Slots मिलेंगे, कितने Ram Slots मिलेंगे इत्यादि। तो ये Chipset Work के According Design किया जाता है। 

यदि आप पुराने कम्प्यूटर यूजर है तो आपको पता होगा कि बहुत पहले जब कम्प्यूटर आज की तरह उतना काॅमन नहीं हुआ करता था। तब हर एक प्रकार के यूजर के लिए एक ही प्रकार का मदरबोर्ड आया करता था जो काफी बड़ा और बल्की होता था और साथ ही काफी महंगा भी। तो ऐसे में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता था सिवाय इसी को परचेज करने के। इसलिए जिसे इसकी जरूरत नहीं भी होती थी उसे भी इसे खरीदना पड़ता था। भले ही वो यूजर बिगनर ही क्यों न हो। अब चुंकि एक ही प्रकार का मदरबोर्ड होता था तो इसलिए चिपसेट भी एक ही प्रकार का बनाया जाता था।

Old Generation Motherboard in Hindi

लेकिन धीरे-धीरे कम्पनीज अपने यूजर के जरूरत को समझने लगी और हर प्रकार के यूजर को देखते हुए उन्हें कैटेगरी वाइज बांट दिया। ताकि वो हर प्रकार के यूजर को कवर कर पायें।

अब जैसे हम बात दोनों कम्पनीज के Latest Generation की करें तो दोनों कम्पनी ने अपने Chipsets को तीन कैटेगरी में बांट रखा है जो अभी आपने ऊपर देखा।

पहला Chipset Entry Level वाले यूजर्स के लिए है जो कि काफी Budget Range वाला चिपसेट है।

दूसरा Chipset Main Stream वाले यूजर्स के लिए है जो कि Mid Range वाले यूजर के लिए है। ये थोड़ा महंगा होता है।

वहीं तीसरा Chipset Enthusiast यूजर्स के लिए है जो कि काफी High-end और काफी महंगा होता है।

तो चलिए सबसे पहले हम बात Intel की करते हैं तो जैसा कि आपको पहले ही बताया जा चुका है कि Intel जब भी कभी अपनी कोई New Generation के Processor को लांच करती है तो उसके साथ ही वो कुछ Chipset को भी लांच करती है। 

तो अभी जो Intel की तरफ से सबसे Latest Generation का Chipset लांच किया गया है वो है Intel 500 Series Chipset। 

इसमें Intel ने कुल 4 प्रकार के Chipset को लांच किया है जो कि कुछ इस प्रकार है H510, H570, B560 और Z590

इसमें 1 चिपसेट Entry Level वालों के लिए है। दुसरे 2 Chipsets Main Stream वालों के लिए है और जो लास्ट है वो है Enthusiast वालों के लिए।

अब आप सोच रहे होंगे कि कैसे पता करें कि कौन-सा क्या है और किसके लिए है।

तो इस चीज को पहचानने के लिए Intel ने English के कुछ Letter को As a Code यूज किया है। जैसे-H, B,और Z है।

तो यहां पर H Letter का मतलब Entry Level Chipset, B Letter का मतलब Main Stream Level Chipset और Z Letter का मतलब Enthusiast Level Chipset से है।

अब बात करते हैं AMD की तो AMD ने भी जो अपने सबसे Latest Chipsets लांच किये हैं वो भी इण्टेल की ही तरह 500 Series के ही हैं। लेकिन AMD ने यहां पर कुल 3 Chipsets ही लांच किये हैं Intel की तरह 4 नहीं।

AMD भी अपने Chipset के Category को पहचानने के लिए English के कुछ Letter का यूज As a Code करता है। जैसे-A, B और X। 

A Code का मतलब Entry Level, B Code का मतलब Main Stream Level और X Code का मतलब Enthusiast Level है।

अभी AMD के Latest Chipsets A520, B550 और X570 है।

अब बात करते हैं कि कौन से Chipset में हमें क्या मिलेगा और कौन-सा Chipset किसके लिए सही रहेगा।

तो देखिए जो Entry Level का Chipset होता है चाहे वो Intel का H510 हो या AMD का A520। उसमें आपको कम ही चीजों का सपोर्ट देखने को मिलता है यानि जो भी चीजें दी जाती है वो एक लिमिटेड एमाउण्ट में दी जाती हैं। जैसे- Ram के 2 Slots, PCI-e का 1 Slot, 4 Sata Port, 4 USB Port, एक ही Video Port इत्यादि। अब चुंकि सभी चीजें कम ही कम मिलती हैं इसलिए ये Motherboard भी काफी छोटा होता है। जिस हम Mini ITX/ATX के नाम से जानते हैं।

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तो यदि आप ऐसे यूजर हैं जिसे एक बड़ा और Powerful System नहीं बिल्ट करना है बल्कि आपको एक छोटा Compect System बिल्ट करना है और आप इसके साथ मिलने वाली लिमिटेड चीजों से संतुष्ट है आपको इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है तो बस ये सिस्टम आपके लिए परफेक्ट रहेगा।

अब बात करते है Main Stream Category की-

तो यदि आप एक ऐसा सिस्टम बिल्ट करना चाहते हैं जो Entry Level वाले से ज्यादा पावरफूल हो और उसमें मिलने वाली चीजें भी उसकी अपेक्षा ज्यादा हो। जैसे- 4 Ram Slots, 2-3 PCI-e Slots, 4-6 Sata Port, 6 USB Port, 2 Video Port इत्यादि। 

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तो आपके लिए Main Stream Category का Chipset बेस्ट रहेगा। क्योंकि इस Chipset में आपको पहले वाली कैटेगरी की अपेक्षा ज्यादा चीजों को सपोर्ट मिलेगा और इसीलिए ये मदरबोर्ड पहले वाले की अपेक्षा थोड़ा बड़ा होता है।

अब बात करते हैं Enthusiast Category की-

तो देखिए Enthusiast Category के जो यूजर होते है उनका वर्क काफी Heavy और Extreme Level का होता है। जैसे- 3D Gaming, 3D Modeling, Heavy Editing , Audio-Video Mixing, Rendering, Work Station Level Work का वर्क इत्यादि। 

ये सारे वर्क काफी High Level के होते हैं इसलिए इन सबको हैण्डल करने के लिए आपको एक Heavy System की जरूरत पड़ती है और एक Heavy System एक Heavy Chipset ही तय करता है। तो हमें एक ऐसा Chipset चाहिए होता है जो ज्यादा से ज्यादा चीजों को सपोर्ट करे। तो इसके लिए ही ये चिपसेट बनाया गया है।

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इस चिपसेट में आपको 6-8 Ram Slots,3-6 PCI-e Slots, 10-12 USB Ports, 6-8 Sata Ports, 2-3 Video Ports इसके अलावा और भी बहुत सारी चीजों का सपोर्ट मिलता है। इसीलिए इसके मदरबोर्ड काफी बड़े और काफी पावरफूल होते हैं।

ध्यान दें-सभी चीजें मदरबोर्ड की अलग-अलग कम्पनी के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकती हैं। 

नोट- Intel Z और AMD X Series के Chipsets Overclocking को Support करते हैं । 

तो ये थे तीनों कैटेगरी के चिपसेट जिसे अच्छे से समझाने की पूरी कोशिश की गई और उम्मीद है कि आपको समझ भी आ गया होगा।

Conclusion 

जब भी कभी एक यूजर सिस्टम बिल्ट करता है तो वो मदरबोर्ड को ऐसे ही सेलेक्ट कर लेता है। वो इस बात पर ध्यान नहीं देता है कि उसमें लगा Chipset किन चीजों को सपोर्ट करता है, कितने अमाउण्ट में सपोर्ट करता है। और जो चीजें उसमें हमें मिलने वाली हैं क्या वो हमारे लिए पर्याप्त है। ज्यादातर यूजर इन बातों का ध्यान नहीं देते हैं। 

अब चुंकि मैं बार-बार एक ही बात को रिपीट कर रहा हूँ तो आपके मन में शायद ये प्रश्न उठ रहा होगा कि भाई यदि हम Enthusiast Chipset वाला Motherboard न लेकर Main Stream या Entry Level वाला Motherboard ले लिया तो ऐसा क्या हो जाएगा।

तो आईये देखते हैं कि इसके क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?

मन लेते हैं किआपका काम बहुत हैवी है और आपको ज्यादा रैम की जरूरत है लेकिन जो मदरबोर्ड आपने लिया है उसमें 2 ही Slots है और वो भी पहले से भरे हुए हैं तो ऐसे में आप क्या करेंगे। बाकी के रैम कहां और कैसे लगाएंगे।

यदि आपका वर्क बहुत ही हैवी और ग्राफिकल है और आपको इसके लिए और Graphics Card की जरूरत है लेकिन जो मदरबोर्ड आपने चुना है उसमें एक ही PCI-e Slot दिया गया है तो दुसरा ग्राफिक कार्ड कहां लगाओगे।

आपका वर्क काफी हैवी है और ज्यादा Storage Consume करने वाला है जिसके लिए आपको कई सारा Hard Disk और SSDs लगानी पड सकता है लेकिन जो मदरबोर्ड आपने चूज किया है उसमें साटा पोर्ट कम ही है तो आप क्या करेंगे।

इसी प्रकार और भी बहुत सारी दिक्कतें हैं जो आपके सामने आ सकती है यदि आपने बिना सोचे-समझे कुछ भी परचेज कर लिया तो।

इसलिए सबसे पहले अपने वर्क को समझें इस बात को कन्फर्म करें कि जो सिस्टम आप बिल्ट करना चाहते हैं उससे आप किस प्रकार का काम लेने वाले हैं। इस चीज का फाइनल कर उसी के हिसाब से अपना सिस्टम बिल्ट करें।

बहुत लोग तो बिना सोचे-समझे सिस्टम बिल्ट करवा लेते हैं लेकिन जब भविष्य में उन्हें कुछ अपग्रेड करना होता है तो वो नहीं कर पाते हैं। तो ऐसे में उनके पास 2 ही Option बचते हैं या तो वो दुसरा मदरबोर्ड परचेज करें या तो अपने वर्क के साथ कम्प्रोमाईज करें।

सभी प्रकार के चिपसेट के बारे में और ज्यादा जानने तथा उनके बीच Comparison करने के लिए आप Intel और AMD के Site पर भी जाकर चेक कर सकते हैं। जहां पर आपको सभी चीजों की सही-सही जानकारी मिलेगी।

आशा करता हूँ कि आपको सभी चीजें समझ आ भी गई होंगी। लेकिन फिर भी यदि कुछ न समझ आया हो तो कृपया कमेण्ट के माध्यम से हमें जरूर बतायें।

मिलता हूँ आपसे अगले पोस्ट में तब तक के लिए Good Bye।


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